बिजनेस डेस्क, 3 अप्रैल 2026:
रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर देश के कई हिस्सों में फैल रही अफवाहों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट करते हुए साफ कहा है कि लोगों तक सही जानकारी समय पर पहुंचाना जरूरी है, वरना हालात बिगड़ सकते हैं।
मंत्रालय की तरफ से मुख्य सचिवों को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि अभी केवल 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ही नियमित या बीच-बीच में प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं। बाकी राज्यों में इस तरह की व्यवस्था कमजोर है, जिससे अफवाहों को जगह मिल रही है।
पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने पत्र में लिखा है कि कई इलाकों में गलत जानकारी तेजी से फैल रही है। इसका असर यह हो रहा है कि लोग बिना जरूरत गैस सिलेंडर खरीदने लग रहे हैं। इससे सप्लाई सिस्टम पर दबाव बन रहा है और हालात बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर रोजाना प्रेस ब्रीफिंग की जाए। साथ ही सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के जरिए साफ और सही जानकारी दी जाए, ताकि लोगों में भरोसा बना रहे कि गैस की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य चल रही है।
इसके अलावा मंत्रालय ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने को भी कहा है। निर्देश दिया गया है कि ऐसे मामलों पर लगातार नजर रखी जाए और तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि बाजार में कृत्रिम संकट पैदा न हो।
यह पूरा मामला उस चेतावनी के बाद सामने आया है, जो 27 मार्च को जारी की गई थी। उस समय पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते सप्लाई चेन पर असर की बात कही गई थी। इसी के बाद से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक खबरें फैलने लगीं, जिससे लोगों में बेचैनी बढ़ गई।






