लखनऊ में 108-102 एंबुलेंस के निष्कासित कर्मचारियों का प्रदर्शन, बोले- नौकरी मिलने तक नहीं लौटेंगे घर
GVK EMRI कंपनी के दफ्तर के बाहर सैकड़ों टेक्नीशियन धरने पर बैठे, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आश्वासन के बावजूद बहाली नहीं होने का आरोप, 3 से 4 हजार कर्मचारियों के पहुंचने का दावा

लखनऊ, 21 अक्टूबर 2026:
यूपी में नौकरी बहाली की मांग को लेकर 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के ड्राइवरों और टेक्नीशियनों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लखनऊ पहुंचे सैकड़ों कर्मचारियों ने GVK EMRI कंपनी के कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप है कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की ओर से नौकरी पर वापस रखने के लिए पहल किए जाने के बावजूद कंपनी प्रबंधन उनकी बहाली नहीं कर रहा है।
इससे नाराज कर्मचारियों ने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की और अधिकारियों से बातचीत की मांग की। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे शरद यादव ने दावा किया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब तीन से चार हजार टेक्नीशियन लखनऊ पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने बिना कोई ठोस कारण बताए उन्हें नौकरी से निकाल दिया था। इसके बाद से कर्मचारी लगातार बहाली की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।

आश्वासन मिला लेकिन नहीं हुई जॉइनिंग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कंपनी के अधिकारियों से बातचीत कराकर उन्हें नौकरी पर वापस रखने का भरोसा दिया था। कर्मचारियों के मुताबिक इस पहल के बावजूद कंपनी की ओर से बहाली की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। संतकबीरनगर से लखनऊ पहुंचे आर्यन ने बताया कि डिप्टी सीएम की ओर से कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट को नौकरी पर वापस रखे जाने वाले टेक्नीशियनों की सूची भेजी गई थी। संबंधित कर्मचारियों से अपने निर्धारित कार्यस्थल पर जाकर दोबारा जॉइन करने को कहा गया था। इसके बावजूद अब तक कंपनी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सुबह से धरना, अधिकारियों ने नहीं की बात
कर्मचारियों का आरोप है कि वे सुबह से आशियाना क्षेत्र में कंपनी के कार्यालय के बाहर बैठे हैं लेकिन प्रबंधन का कोई अधिकारी उनसे बातचीत करने नहीं पहुंचा। उन्होंने अधिकारियों से मिलने की कोशिश भी की, मगर उन्हें निराशा हाथ लगी। इससे कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ गई।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपने घर-परिवार छोड़कर लखनऊ आए हैं और फिलहाल यहीं डेरा डाले हुए हैं। जब तक नौकरी पर वापसी नहीं होती, वे लखनऊ नहीं छोड़ेंगे। कर्मचारियों ने एक बार फिर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को पूरे मामले की जानकारी दी है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक डिप्टी सीएम ने कंपनी से दोबारा बातचीत कराने का भरोसा दिया है।






