Lucknow City

तकनीक और पर्यावरण का संगम : सोलर और ग्रीन हाइड्रोजन पर आधारित होगी लखनऊ की एआई सिटी

डेटा सेंटर्स और सुपर कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की ऊर्जा जरूरतें मुख्य रूप से सौर ऊर्जा आधारित सिस्टम से पूरी की जाएंगी, सस्टेनेबल डेवलपमेंट के जरिए निवेश और तकनीक दोनों पर किया जायेगा फोकस

लखनऊ, 6 जनवरी 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ अब भविष्य की तकनीक और पर्यावरण संरक्षण का साझा मॉडल बनने की ओर बढ़ रही है। योगी सरकार लखनऊ में प्रस्तावित एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सिटी को पूरी तरह ग्रीन एनर्जी आधारित स्वरूप में विकसित करने जा रही है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना सोलर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों पर आधारित होगी। इससे तकनीकी विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन भी सुनिश्चित किया जा सके।

प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि एआई, डेटा एनालिटिक्स और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के विस्तार के दौरान पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम की जाए। एआई सिटी में स्थापित होने वाले डेटा सेंटर्स और सुपर कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की ऊर्जा जरूरतें मुख्य रूप से सौर ऊर्जा आधारित सिस्टम से पूरी की जाएंगी। इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी बल्कि ऊर्जा लागत को भी लंबे समय तक नियंत्रित रखा जा सकेगा।

इस परियोजना में ग्रीन हाइड्रोजन को भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है कि एआई सिटी के ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम, औद्योगिक संचालन और स्मार्ट शहरी सुविधाओं में ग्रीन हाइड्रोजन का उपयोग किया जाए। इससे उत्तर प्रदेश उन अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा, जो हाइड्रोजन आधारित स्वच्छ ऊर्जा को व्यवहारिक स्तर पर अपनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं।

एआई सिटी में बनने वाले डेटा सेंटर्स को वैश्विक पर्यावरण मानकों और ऊर्जा दक्षता के अनुरूप विकसित किया जाएगा। ग्रीन एनर्जी आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर से प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय तकनीकी कंपनियों और निवेशकों का भरोसा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आज निवेशक उन्हीं क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहे हैं जहां पर्यावरणीय जिम्मेदारी और टिकाऊ विकास का स्पष्ट रोडमैप मौजूद हो और प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

परियोजना के तहत ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट को अनिवार्य किया जाएगा। भवन निर्माण में ऊर्जा कुशल सामग्री, प्राकृतिक रोशनी का अधिकतम उपयोग, जल संरक्षण प्रणालियां और स्मार्ट डिजाइन को शामिल किया जाएगा। साथ ही स्मार्ट मोबिलिटी को बढ़ावा देकर निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और प्रदूषण नियंत्रित करने की योजना है।

सरकार का प्रयास है कि एआई सिटी के लाभ केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित न रहें। स्वच्छ ऊर्जा आधारित विकास से स्थानीय स्तर पर बेहतर पर्यावरण, स्वास्थ्य संबंधी लाभ और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस तरह लखनऊ की एआई सिटी तकनीक, उद्योग और समाज के लिए एक टिकाऊ और आदर्श मॉडल के रूप में उभरने की तैयारी में है।

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