लखनऊ, 8 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा आम लोगों की जान पर भारी पड़ता जा रहा है। सीएम योगी के सख्त निर्देशों और पुलिस के दावों के बावजूद शहर की सड़कों पर मांझे से लोगों के घायल होने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। रविवार दोपहर नाका फ्लाईओवर पर बाइक सवार मुकेश वर्मा चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। तेज धार वाले मांझे ने मुकेश को घायल कर दिया। उनकी नाक के ऊपरी हिस्से में गहरा जख्म हो गया। मांझा सीधे आंखों के पास से गुजरा, गनीमत रही कि उनकी नजर बच गई। राहगीरों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
यह कोई अकेली घटना नहीं है। एक दिन पहले चौक इलाके में चौपटिया निवासी नजम खान नामक युवक की गर्दन पर चाइनीज मांझे से घाव हो गया था। शनिवार को ही यहियागंज उद्योग व्यापार मंडल के कार्यालय सचिव विमलेश तिवारी शाम को घर लौटते समय कुड़ियाघाट के पास चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। गनीमत रही कि चेहरे पर ज्यादा चोट नहीं आई और वे बाल-बाल बच गए।
तीन दिन पूर्व गोमती नगर विस्तार में बिजली कर्मी का गला कटने की घटना सामने आई, जबकि उसी दिन शहीद पथ पर एक रिटायर्ड फौजी के गाल और होंठ बुरी तरह कट गए थे। उन्हें करीब 30 टांके लगाने पड़े। इससे पहले पुराने लखनऊ में दो मासूम बेटियों के पिता की दर्दनाक मौत हो गई थी। इन सिलसिलेवार हादसों ने शहर में लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझे की खुलेआम बिक्री हो रही है। पतंग की दुकानों और गुपचुप ठिकानों से इसकी सप्लाई जारी है, जिसका खामियाजा बाइक सवार और पैदल राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से नियमित चेकिंग, सख्त कार्रवाई और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की है।
मालूम हो कि पुराने लखनऊ में एक युवक की मौत के बाद सीएम योगी ने निर्देश दिया था कि चाइनीज मांझे से किसी की मौत होने पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने मांझे की बिक्री और उपयोग रोकने की हिदायत दी थी। इसके बाद लखनऊ में पुलिस ने छापेमारी और जब्ती अभियान शुरू किया है लेकिन लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए कार्रवाई के असर पर सवाल उठ रहे हैं।






