एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 22 मार्च 2026:
पीजीआई थाना क्षेत्र के अमोल गांव में एक परिवार ने निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी पर मकान गिराए जाने का आरोप लगाया है। बेघर हुआ परिवार रविवार को पीजीआई थाने पहुंचा और कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गया। करीब दो घंटे तक थाने परिसर में चले इस धरने के बाद पुलिस के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
अमोल गांव निवासी रमेश का कहना है कि वह करीब 30 साल से यहां रह रहा है। उसने अपनी पैतृक जमीन बेचकर कल्ली माती मार्ग के पास मकान बनाया था। उसके घर के पास ही एक बिल्डर्स की ओर से निर्माण कार्य चल रहा है। रमेश के मुताबिक कंपनी के कर्मचारियों ने कई बार मकान हटाने के लिए दबाव बनाया। बातचीत के दौरान मकान के बदले करीब 15 लाख रुपये देने की बात भी तय हुई थी, लेकिन बाद में मामला अटक गया।
आरोप है कि 12 मार्च की रात जब वह परिवार के साथ खेत पर था, उसी दौरान करीब 11 बजे कुछ लोग जेसीबी लेकर पहुंचे और बिना किसी सूचना के मकान गिरा दिया। रमेश का कहना है कि जब उसे जानकारी मिली और वह मौके पर पहुंचा तो वहां कोई नहीं मिला, जेसीबी लेकर लोग जा चुके थे। पीड़ित का आरोप है कि अगले दिन कुछ लोग समझौते के नाम पर उसके पास पहुंचे और कम रकम लेने का दबाव बनाने लगे। जब उसने मना किया तो उसके साथ मारपीट की कोशिश की गई, जिसके बाद वह वहां से निकल गया।
रमेश ने बताया कि उसने थाने में शिकायत भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी से नाराज होकर वह रविवार को परिवार के साथ थाने पहुंचा और वहीं धरने पर बैठ गया। धरने के दौरान पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन पीड़ित कार्रवाई और मुआवजे की मांग पर अड़ा रहा। करीब दो घंटे बाद इंस्पेक्टर के आश्वासन के बाद उसने धरना खत्म किया।






