Lucknow News : जनभवन में गरबे की धूम, आनंदीबेन पटेल ने उतारी आरती, मंत्री स्वतंत्र देव भी थिरके
नवरात्रि के दूसरे दिन भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा जनभवन, पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों ने गरबा नृत्य से बांधा समां, छात्रों और अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी लिया हिस्सा, 19 अक्टूबर तक चलेगा महोत्सव

लखनऊ, 13 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित जनभवन में शारदीय नवरात्रि पर गरबे की धूम देखने को मिली। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में आयोजित गरबा महोत्सव में भक्ति संगीत की धुन पर गरबा करते प्रतिभागियों ने पूरे परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया। राज्यपाल ने मां दुर्गा की आरती उतारी और श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर उनका उत्साह बढ़ाया। गरबा नृत्य में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी शामिल हुए।
मां दुर्गा की आरती के बाद गरबा नृत्य ने बांधा समां
महोत्सव की शुरुआत राज्यपाल द्वारा मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई। इसके बाद पारंपरिक गुजराती गरबा की धुनों पर प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से नृत्य किया। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला और पुरुष प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से आयोजन को जीवंत बना दिया। भक्ति गीतों और संगीत की धुन पर कदम मिलाते प्रतिभागियों ने नवरात्रि के उल्लास को जीवंत कर दिया। सामूहिक नृत्य के दौरान परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

छात्र-अफसर व कर्मचारी, सभी ने लिया हिस्सा
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। गरबा महोत्सव में विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थाओं के विद्यार्थियों के साथ जनभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस अवसर पर राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी एवं अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी, अपर जिला जज पंकज मिश्रा और जिला जज, कमर्शियल कोर्ट सत्यदेव गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

19 अक्टूबर तक चलेगा गरबा महोत्सव
जनभवन में आयोजित नौ दिवसीय गरबा महोत्सव 19 अक्टूबर तक चलेगा। राज्यपाल ने कहा किनआयोजन का उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देना और युवा पीढ़ी को देश की समृद्ध लोक संस्कृति तथा आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना है। महोत्सव के माध्यम से नवरात्रि की धार्मिक परंपराओं के साथ गरबा जैसे पारंपरिक लोकनृत्य को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।






