Lucknow News : कुशमौरा में सड़क के लिए ग्रामीणों ने थामी धरने की राह, बुलंद किया ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का नारा
टूटे खड़ंजों से परेशान ग्रामीणों ने पंचायत कार्यालय में शुरू किया अनिश्चितकालीन आंदोलन, दो प्रमुख संपर्क मार्गों के निर्माण की मांग, काम शुरू होने तक धरना जारी रखने का ऐलान

एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ),15 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुशमौरा में खराब सड़कों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। लंबे समय से जर्जर खड़ंजा मार्गों की मरम्मत और डामरीकरण की मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने मिनी सचिवालय स्थित पंचायत कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने ‘सड़क नहीं तो वोट नहीं’ का नारा देते हुए मतदान के पूर्ण बहिष्कार की चेतावनी दी है।
शिकायतों के बाद भी नहीं बनी बात
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के प्रमुख संपर्क मार्गों की हालत काफी खराब है। कई जगह खड़ंजा टूट चुका है, जबकि कुछ हिस्सों में निर्माण अधूरा पड़ा है। इससे लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार हादसे होते-होते बचे। ग्रामीणों के मुताबिक, इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
चेतावनी पर नहीं पहुंचे जिम्मेदार अधिकारी
ग्रामीणों ने पहले ही 14 अक्टूबर से धरना शुरू करने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद तय तारीख तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज ग्रामीणों ने पंचायत कार्यालय में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया। धरनास्थल पर लगातार रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद होता रहा।
दो संपर्क मार्गों के निर्माण की मांग
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में सिसेंडी-बेनीगंज मार्ग से बाबा दोहला पुल तक खड़ंजा निर्माण कर डामरीकरण कराना शामिल है। इसके अलावा परसपुर ठट्ठा से कुशमौरा तक अधूरे पड़े खड़ंजा मार्ग का निर्माण पूरा कर सड़क पर डामर बिछाने की मांग की गई है।
काम शुरू होने तक जारी रहेगा धरना
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने साफ कहा कि केवल आश्वासन मिलने से आंदोलन खत्म नहीं होगा। जब तक सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। ग्रामीणों ने अपनी मांगों की अनदेखी होने पर मतदान बहिष्कार करने की चेतावनी भी दी है। धरने में प्रवेश कुमार शर्मा, अरविंद शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा, वीरेंद्र अवस्थी, डॉ. सुशील अवस्थी, राजकुमार, मनोज कश्यप, अवधेश अवस्थी, चंद्र किशोर द्विवेदी, आलोक पाल, उमा देवी पाल, उषा देवी, बिट्टी देवी, मीना कुमारी सहित तमाम ग्रामीण शामिल रहे।






