लखनऊ, 25 नवंबर 2025:
यूपी की राजधानी लखनऊ में मेट्रो रेल के विस्तार की कवायद तेज हो गई है। चारबाग से बसंतकुंज तक मेट्रो के दूसरे चरण (ईस्ट–वेस्ट कॉरिडोर) को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है। परियोजना को पब्लिक इंवेस्टमेंट बोर्ड (PIB) और केंद्रीय कैबिनेट से वित्तीय मंजूरी मिल चुकी है। इसी बीच यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक ने भी इस चरण के लिए कर्ज उपलब्ध कराने पर सहमति दे दी है। इससे परियोजना का रास्ता साफ हो गया है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बसंतकुंज योजना के सेक्टर-ए में मेट्रो डिपो निर्माण के लिए 1.80 लाख वर्ग मीटर जमीन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कारण योजना के लेआउट में बदलाव किए जा रहे हैं। इसके लिए एलडीए ने 15 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।
हालांकि नोटिस जारी होने के बाद सेक्टर-ए के 272 प्लॉट आवंटियों में चिंता बढ़ गई है लेकिन एलडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि डिपो की भूमि आवंटित प्लॉटों को प्रभावित नहीं करेगी।
मेट्रो के इस कॉरिडोर में कई अंडरग्राउंड स्टेशन प्रस्तावित हैं। शहर के गौतमबुद्ध मार्ग (लाटूश रोड), झंडेवाला पार्क अमीनाबाद, चौक चौराहा, मेडिकल कॉलेज चौराहा, ठाकुरगंज चौराहा आदि स्थानों पर अंडरग्राउंड स्टेशन बनाने के लिए भी जमीन की जरूरत होगी।
यह कॉरिडोर बन जाने के बाद अमीनाबाद, चौक, ठाकुरगंज जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। फिलहाल चारबाग से बसंतकुंज तक कोई आसान व तेज सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही चारबाग मेट्रो स्टेशन इस चरण के बाद इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित होगा। इससे यात्रियों को दूसरे मार्गों पर जाने के लिए मेट्रो बदलने में आसानी होगी।






