लखनऊ, 22 मार्च 2026:
लखनऊ नगर निगम के सदन में रविवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का मूल बजट महज पौन घंटे में पास कर दिया गया। हालांकि इस दौरान विपक्षी पार्षदों के जोरदार हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप ने बैठक को काफी विवादित बना दिया। खास बात यह रही कि 2025-26 के रिवाइज्ड बजट पर बिना चर्चा किए ही उसे भी पारित मान लिया गया। इस पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई।
सदन की कार्यवाही दोपहर 12:13 बजे शुरू हुई। शुरुआत में नगर निगम की उपाध्यक्ष चरणजीत सिंह गांधी ने मूल बजट का भाषण पढ़ना शुरू किया लेकिन कांग्रेस पार्षदों ने तुरंत हंगामा खड़ा कर दिया। उनका आरोप था कि उन्हें बजट की कॉपी तक उपलब्ध नहीं कराई गई जबकि भाषण पढ़ा जा रहा है।
विवाद तब और बढ़ गया जब रिवाइज्ड बजट से पहले ही 2026-27 का मूल बजट सदन में पेश कर दिया गया। सपा पार्षद यायावर हुसैन रेशु और कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने सवाल उठाया कि पुनरीक्षित बजट पर चर्चा क्यों नहीं हो रही। इस पर भाजपा पार्षद अनुराग मिश्रा की टिप्पणी के बाद पक्ष-विपक्ष आमने-सामने आ गए और जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई।
स्थिति उस समय और गरमा गई जब कांग्रेस पार्षद मुकेश चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी कर दी। इसके जवाब में भाजपा पार्षदों ने ‘महिलाओं के सम्मान में, भाजपा मैदान में’ जैसे नारे लगाए। इससे सदन का माहौल पूरी तरह शोर-शराबे में बदल गया।
हंगामे के बीच ही मेयर सुषमा खर्कवाल ने बजट पास करने की घोषणा कर दी, जिसे भाजपा पार्षदों ने समर्थन दिया। सदन करीब एक बजे समाप्त हुआ। बैठक के दौरान मेयर ने जोनल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि उनकी समीक्षा की जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टैक्स भुगतान पर 10% और ऑफलाइन पर 8% की छूट दी जाएगी।
शहर में ‘नमो वन’ परियोजना के तहत मियावाकी पद्धति से हरियाली बढ़ाने की भी योजना साझा की गई। भाजपा पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने बैठक जल्दी समाप्त होने की वजह नवरात्रि का समय बताया। दूसरी विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी करार दिया।






