अयोध्या, 29 फरवरी 2026:
भदरसा गांव के चर्चित गैंगरेप मामले में अदालत का अहम फैसला सामने आया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निरुपमा विक्रम की अदालत ने समाजवादी पार्टी से जुड़े बेकरी मालिक मोईद खान को सभी आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया है, जबकि उनके नौकर राजू खान को दोषी करार दिया गया है। राजू खान के खिलाफ सजा पर सुनवाई गुरुवार को होगी।
यह फैसला पॉक्सो प्रथम न्यायालय में सुनाया गया। अदालत ने 14 जनवरी को अंतिम सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को मोईद खान और राजू खान को जेल से कोर्ट में पेश किया गया। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अदालत ने फैसला सुनाया।
जांच के दौरान दोनों आरोपियों का डीएनए टेस्ट कराया गया था। रिपोर्ट में मोईद खान का डीएनए नेगेटिव पाया गया, जबकि राजू खान का डीएनए पीड़िता से मैच हुआ। अदालत ने डीएनए रिपोर्ट सहित सभी साक्ष्यों का गहन परीक्षण करने के बाद मोईद खान को दोषमुक्त कर दिया।

अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता के समर्थन में कुल 13 गवाह पेश किए गए थे। विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जाएगी। फैसले के बाद मोईद खान के परिवार और समर्थकों ने राहत की सांस ली है।
क्या था पूरा मामला
पूराकलंदर थाना क्षेत्र के भदरसा गांव की एक नाबालिग लड़की की मां ने 29 जुलाई 2024 को सपा नेता मोईद अहमद और उनके नौकर राजू खान के खिलाफ गैंगरेप व धमकी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। किशोरी के गर्भवती होने के बाद घटना का खुलासा हुआ था। मामले के सामने आते ही इलाके में जबरदस्त सियासी और प्रशासनिक हलचल मच गई थी। पीड़ित परिवार व एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।
विपक्षी दलों की ओर से भी तीखी प्रतिक्रियाएं आईं और मामला विधानसभा तक पहुंचा। सपा नेताओं की आरोपी मोईद के साथ तस्वीरें वायरल होने के बाद विवाद और गहराया। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मोईद खान की बेकरी और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर भी चलाया था। अब अदालत के फैसले ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।






