लखनऊ, 4 अप्रैल 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में एक बार फिर सफाई व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर सामने आई है। शनिवार को प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार के साथ शहर के चार वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान हालात देखकर वे खासे नाराज नजर आए।
निरीक्षण के दौरान जोन-7 के तहत मैथिली शरण गुप्त वार्ड, इस्माइलगंज प्रथम, इंदिरानगर और बाबू जगजीवन राम वार्ड में जगह-जगह गंदगी के ढेर, चोक नालियां और सड़कों पर फैला कूड़ा मिला। कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर के आसपास भी गंदगी देखी गई। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी साफ झलक रही थी।
स्थानीय निवासियों ने मौके पर ही महापौर से शिकायत की कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां नियमित नहीं आतीं। इससे हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। इस पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने लखनऊ स्वच्छता अभियान (एलएसए) के प्रमुख अभय रंजन को मौके पर बुलाकर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में एक भी सफाई कर्मचारी नजर नहीं आ रहा है और मुख्य सड़कें गंदगी से पटी हैं।
हालांकि अभय रंजन ने स्थिति सुधारने का आश्वासन दिया लेकिन महापौर ने सख्त लहजे में स्पष्ट कर दिया कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोनल अधिकारी रामेश्वर प्रसाद को निर्देश दिया कि तत्काल क्षेत्र के घर-घर जाकर कूड़ा उठान की स्थिति की जांच करें और शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने भी अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिम्मेदारों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेताया कि नालियों की सफाई न होने से जलभराव और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ता है। मच्छरों के पनपने से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां फैल सकती हैं। यह जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती है।
इसके अलावा सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति पर भी मंत्री ने नाराजगी जताई और नियमित सफाई व रजिस्टर मेंटेन करने के निर्देश दिए। अतिक्रमण के मुद्दे पर उन्होंने स्वीकार किया कि स्थायी अतिक्रमण अब भी शहर के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है।






