लखनऊ, 11 अप्रैल 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ को उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने वाला ‘लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट’ बनकर तैयार हो गया है। शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गोमतीनगर के विवेक खण्ड में आयोजित ‘गोमतीनगर जनकल्याण महासमिति वार्षिकोत्सव’ में इस भव्य म्यूजियम समेत 5827.9 लाख रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया।
चौक के हुसैनाबाद क्षेत्र में 4,973 वर्गमीटर में निर्मित यह म्यूजियम अपनी अनूठी वास्तुकला के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा 4143.22 लाख रुपये की लागत से तैयार इस भवन में 45 मीटर लंबा कैंटीलीवर बिना किसी कॉलम या पिलर के बनाया गया है। ये इसे प्रदेश की पहली ऐसी आइकॉनिक इमारत बनाता है।
म्यूजियम में अवध की ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को अत्याधुनिक तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया गया है। यहां ‘मूल धारा’, ‘हुनर का सफर’, ‘हस्तशिल्प’, ‘सांझी आस्था’, ‘गंगा-जमुनी तहजीब’, ‘कारीगरी’, ‘महफिल-ए-अवध’, ‘नृत्यकला’, ‘नाट्यशाला’, ‘सोच एवं संवाद’ और ‘जायका-ए-अवध’ जैसी थीम आधारित गैलरियां विकसित की गई हैं। इसके साथ ही वीआर गेमिंग एरीना दर्शकों को इतिहास से जोड़ने का नया अनुभव देगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाए गए इस म्यूजियम से न केवल शहर की पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को भी नई पहचान मिलेगी। म्यूजियम सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा। इसमें बच्चों के लिए 50 रुपये और वयस्कों के लिए 100 रुपये प्रवेश शुल्क निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा एलडीए ने एचएएल के सीएसआर फंड से गोमतीनगर के विवेक खण्ड, गणेशगंज और ऐशबाग में आधुनिक सुविधाओं से युक्त तीन कम्यूनिटी सेंटरों का निर्माण कराया है। इनमें हॉल, योगा सेंटर, लाइब्रेरी और क्लीनिक जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इसके साथ ही गोमतीनगर के विनीत खण्ड में 8 एकड़ में फैली ‘देव वन-नक्षत्र वाटिका’ और ई-लाइब्रेरी का भी उद्घाटन किया गया। इन परियोजनाओं से लखनऊ में सांस्कृतिक, सामाजिक और पर्यटन विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।






