लखनऊ, 5 जनवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में रोजमर्रा का ट्रैफिक जाम आम लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। नए साल के जश्न के दौरान हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि शहर के प्रमुख इलाकों में लाखों लोग घंटों जाम में फंसे रहे। ट्रैफिक व्यवस्था की नाकामी पर पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बड़े स्तर पर फेरबदल किया है।
लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए एडीसीपी ट्रैफिक अशोक कुमार सिंह और एसीपी ट्रैफिक सुरेंद्र कुमार शर्मा को उनके पद से हटा दिया गया है। thehohalla news
एडीसीपी हाईकोर्ट सुरक्षा राघवेंद्र सिंह को अब एडीसीपी ट्रैफिक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, एसीपी ट्रैफिक सुरेंद्र कुमार शर्मा को हटाकर अलीगंज सर्किल की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह शशि प्रकाश मिश्र को नया एसीपी ट्रैफिक नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही अशोक कुमार सिंह को हाईकोर्ट सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है।

इससे पहले ट्रैफिक व्यवस्था में लापरवाही के आरोप में चौकी प्रभारी सतखंडा, हुसैनाबाद और रूमी गेट को लाइन हाजिर कर दिया गया था। टीआई चौक के खिलाफ भी डीसीपी ट्रैफिक को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है।
दरअसल, नए साल के मौके पर शहर में जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी गई थी। बिना ठोस योजना के की गई इन बैरिकेडिंग्स ने वाहनों की आवाजाही को बुरी तरह प्रभावित किया। प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। हालात ऐसे बने कि लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों लग गए।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि शहर में कहीं भी जाम की स्थिति न बने और इसके लिए ठोस रणनीति तैयार की जाए। बावजूद इसके ट्रैफिक प्रबंधन पूरी तरह विफल नजर आया। समस्या यहीं खत्म नहीं होती।
शहर के कई इलाकों में रोड इंजीनियरिंग की खामियां भी जाम और हादसों की बड़ी वजह बनी हुई हैं। राजधानी में चिह्नित 75 ब्लैक स्पॉट आज भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। अब देखना होगा कि नए अधिकारियों की तैनाती के बाद लखनऊ को जाम से कब राहत मिलती है।






