नई दिल्ली, 6 मार्च 2026:
देश में राज्यपाल और उपराज्यपालों के पदों पर बड़ा फेरबदल किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पश्चिम बंगाल, दिल्ली, बिहार सहित कुल नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपालों और उपराज्यपालों की नियुक्ति व स्थानांतरण से जुड़े आदेश जारी किए। इस फेरबदल को पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अहम माना जा रहा है।
सबसे प्रमुख बदलाव पश्चिम बंगाल में हुआ है जहां तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उन्होंने डॉ. सीवी आनंद बोस की जगह ली है जिन्होंने इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है। आरएन रवि हाल ही में चेन्नई में होली के मौके पर फगुआ गाते हुए चर्चा में आए थे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बोस के इस्तीफे पर हैरानी जताते हुए कहा कि उन्होंने संभवतः राजनीतिक दबाव में यह कदम उठाया है।

दिल्ली में बड़ा बदलाव करते हुए पूर्व भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू को नया उपराज्यपाल बनाया गया है। वह अमेरिका में भारत के राजदूत रह चुके हैं। वहीं दिल्ली के मौजूदा उपराज्यपाल (एलजी) विनय कुमार सक्सेना को अब लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।
बिहार में सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन को राज्यपाल बनाया गया है। वह आरिफ मोहम्मद खान की जगह लेंगे।

भाजपा के वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव को नागालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। अन्य नियुक्तियों में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना का राज्यपाल बनाया गया है। तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा को महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। लद्दाख के वर्तमान उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है।
इसके अलावा केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले राज्यपाल बदलना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और राजनीतिक कदम माना जा रहा है। इस पर आने वाले दिनों में सियासी प्रतिक्रियाएं तेज हो सकती हैं।






