लखनऊ, 3 अप्रैल 2026:
यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में काम कर रहे एक गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये लोग देश में दहशत फैलाने के इरादे से रेलवे संपत्ति, बड़े संस्थानों और वाहनों को निशाना बनाने की तैयारी में थे। चारों मेरठ व गौतमबुद्धनगर के निवासी हैं।
जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सदस्य साकिब उर्फ डेविल मेरठ का रहने वाला है और पेशे से नाई का काम करता है। वह टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स और कट्टरपंथी ग्रुप्स के संपर्क में था। इन्हीं के इशारे पर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।
गिरोह का काम अलग-अलग शहरों में जाकर महत्वपूर्ण जगहों की रेकी करना था। गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ में रेलवे सिग्नल बॉक्स, संस्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की निगरानी कर उनके वीडियो तैयार किए गए। ये वीडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे जाते थे।
एटीएस के मुताबिक, हैंडलर्स आरोपियों को गूगल लोकेशन भेजते थे और उसी के आधार पर टारगेट तय होता था। कुछ जगहों पर छोटी आगजनी की घटनाएं भी कराई गईं, जिनके वीडियो भेजकर QR कोड के जरिए पैसे लिए गए।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों को धर्म के नाम पर भड़काया जाता था और खास तरह के नामों वाले ग्रुप्स के जरिए उकसाया जाता था। गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों में आग लगाने और बड़े नुकसान की साजिश भी रची जा रही थी। 2 अप्रैल को गिरोह लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल और अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहा था। इससे पहले ही एटीएस टीम ने मौके पर पहुंचकर चारों आरोपियों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में मेरठ का साकिब उर्फ डेविल व अरबाब और गौतमबुद्धनगर निवासी विकास गहलावत उर्फ रौनक व लोकेश उर्फ पपला पंडित शामिल हैं। इनके पास से ज्वलनशील पदार्थ से भरा एक कैन, सात मोबाइल फोन, 24 पर्चे और आधार कार्ड बरामद हुए हैं। इस मामले में एटीएस थाना लखनऊ में केस दर्ज किया गया है।






