लखनऊ, 3 मार्च 2026:
रायबरेली की मनीषा रावत के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जिंदगी की नई शुरुआत साबित हुई। घर से हैंडमेड चॉकलेट बनाने का छोटा सा काम आज एक व्यवस्थित कारोबार में बदल चुका है। मनीषा अब न सिर्फ अच्छी आमदनी कर रही हैं, बल्कि लोगों को रोजगार भी दे रही हैं।
घर में बन रही चॉकलेट की बढ़ती मांग से तैयार हुआ बिजनेस प्लान
मनीषा ने वर्ष 2023 में घर से चॉकलेट और बेकरी आइटम बनाना शुरू किया। धीरे-धीरे उनके उत्पादों की मांग बढ़ने लगी। ऑर्डर ज्यादा मिलने लगे तो पूंजी की जरूरत महसूस हुई। वह अपनी अलग शॉप खोलना चाहती थीं, लेकिन गारंटी और मॉरगेज जैसी दिक्कतें सामने आ रही थीं। अक्टूबर 2024 में उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की जानकारी मिली। बैंक से संपर्क किया, बिजनेस प्लान तैयार किया और जरूरी कागजात जमा किए। करीब 20 दिन में 9 लाख रुपये का लोन मंजूर हो गया।
पहले परिवार पर थी निर्भरता, अब बनीं सफल उद्यमी
लोन मिलने के बाद मनीषा ने अपनी केक और चॉकलेट की शॉप शुरू की। मशीनें लगाईं, प्रोडक्शन बढ़ाया और स्थानीय स्तर पर लोगों को काम देना शुरू किया। आज उनके यहां पांच लोग नियमित तौर पर काम कर रहे हैं। पहले जहां वह परिवार पर निर्भर थीं, अब एक सफल महिला उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। उनका कहना है कि कम ब्याज दर और बिना गारंटर की सुविधा से किस्त चुकाना आसान हो रहा है।
पीएम से मुलाकात ने बढ़ाया हौसला
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 10 वर्ष पूरे होने पर अप्रैल में देशभर के 48 सफल उद्यमियों को आमंत्रित किया गया था। इनमें मनीषा रावत भी शामिल थीं। इस मौके पर उनकी मुलाकात Narendra Modi से हुई। मनीषा कहती हैं कि यह पल उनके लिए यादगार रहा और इससे उनका हौसला और बढ़ा। वह Yogi Adityanath को भी अपनी प्रेरणा मानती हैं और कहती हैं कि सरकारी योजनाओं की सही जानकारी और मार्गदर्शन मिल जाए तो छोटे शहरों की महिलाएं भी बड़ा मुकाम हासिल कर सकती हैं।






