लखनऊ, 11 फरवरी 2026:
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश हुए वर्ष 2026-27 के बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बजट ज्यादा लोकलुभावन नजर आता है और आम जनता के असली उत्थान से दूर दिखाई देता है।
मायावती ने कहा कि सरकार घोषणाएं तो करती है, लेकिन जरूरी है कि उन पर समयबद्ध तरीके से अमल भी हो। अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह बजट भी सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता को जो भरोसा दिलाया गया है, उसे जमीन पर उतरना चाहिए।
बसपा प्रमुख ने कहा कि अगर सरकार पिछले साल के बजट का सही और साफ आंकड़ा पेश करती, और यह बताती कि कितनी योजनाएं जमीन पर उतरीं, तो बजट भाषण ज्यादा ठोस और भरोसेमंद लगता। उनके मुताबिक मौजूदा बजट अखबारों की सुर्खियां ज्यादा बटोर रहा है, जिससे लोगों की अच्छे दिन की उम्मीदों पर फिर पानी फिरता नजर आ रहा है।
मायावती ने कहा कि सरकार उन्हें ईमानदारी और निष्ठा से लागू करे, तभी जनता का भरोसा कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक युवाओं को पक्का रोजगार नहीं मिलेगा, तब तक हालात में बड़ा बदलाव मुश्किल है।
उन्होंने एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार का ध्यान दिलाया। कहा कि इन वर्गों के आरक्षण और लंबित बैकलॉग भर्तियों को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। इससे सामाजिक संतुलन और न्याय मजबूत होगा।
मायावती ने कहा कि अगर भाजपा सरकार बसपा की पूर्व सरकारों की तरह सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय की भावना से काम करे तो यह प्रदेश और देश दोनों के हित में होगा। उनका कहना था कि बजट ऐसा होना चाहिए जो किसी एक वर्ग या क्षेत्र तक सीमित न रहे, बल्कि खासकर गरीबों और किसानों के जीवन में सुधार लाने का जरिया बने।






