लखनऊ, 25 जनवरी 2026:
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर राजधानी लखनऊ का राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर्यटन और संस्कृति के खास रंग में नजर आया। तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने ‘ग्रामीण और समुदाय-केंद्रित पर्यटन’ थीम पर विशेष आयोजन किया। कार्यक्रम में गांवों की लोक संस्कृति, खेती से जुड़े अनुभव, फार्म-स्टे और ग्रामीण जीवनशैली को पर्यटन से जोड़ने की पहल को प्रमुखता से रखा गया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन को केवल भ्रमण तक सीमित नहीं रखा गया है। धार्मिक पर्यटन के साथ इको-टूरिज्म और एग्री-रूरल टूरिज्म को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था और रोजगार को मजबूती दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित माहौल और बेहतर सुविधाओं के कारण उत्तर प्रदेश तेजी से पर्यटकों की पसंद बनता जा रहा है।

पर्यटन का फोकस अब सिर्फ शहर नहीं, गांव भी बनेगा डेस्टिनेशन
कार्यक्रम में बताया गया कि ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा देने के लिए कृषि आधारित अनुभवों, फार्म-स्टे, पारंपरिक खान-पान और गांव की दिनचर्या से जुड़ी गतिविधियों को संगठित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा गांवों, किसान परिवारों और होम-स्टे संचालकों को पर्यटन के साथ जोड़कर उनकी आमदनी बढ़ाना है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने कृषि विभाग के साथ समन्वय बनाकर पर्यटन नीति-2022 के तहत धार्मिक, विरासत, वेलनेस, एडवेंचर, क्रूज और ग्रामीण पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ाने पर जोर दिया। बजट होटल, हेरिटेज होटल, रिसॉर्ट और रिवर क्रूज जैसी इकाइयों के जरिए पर्यटन ढांचे को मजबूत करने की बात भी कही गई।
2017 के बाद बदला पर्यटन का माहौल, सुरक्षा व कनेक्टिविटी पर जोर
जयवीर सिंह ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में पर्यटन की तस्वीर तेजी से बदली है कानून- व्यवस्था में सुधार, सड़कों का विस्तार, हवाई और रेल कनेक्टिविटी में बढ़ोतरी के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है। इसी वजह से प्रदेश अब देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों में गिना जा रहा है।
युवा टूरिज्म क्लब की क्विज, स्किट, पेंटिंग और स्टोरी टेलिंग में बच्चों ने मारी बाजी
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के कार्यक्रम में युवा टूरिज्म क्लब की प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। क्विज प्रतियोगिता में
ग्रुप ए (कक्षा 6 से 8) में मिधेशा श्रीवास्तव प्रथम, समृद्धि वर्मा द्वितीय और रेयांश पाठक तृतीय रहे।
ग्रुप बी (कक्षा 9 से 12) में अभिराज मिश्रा प्रथम, उज्जवल मिश्रा द्वितीय और ओजस दीक्षित तृतीय रहे। वरद पांडेय को विशेष पुरस्कार मिला।

स्किट मेकिंग में काव्या ठाकुर को प्रथम पुरस्कार मिला। मेधांश सिंह को द्वितीय और मंतव्य को तृतीय पुरस्कार मिला। पेंटिंग प्रतियोगिता में साहिबा प्रथम, इफरा द्वितीय और यास्मीन तृतीय रहीं। स्टोरी टेलिंग वर्कशॉप में काव्या ठाकुर प्रथम, मेधांश सिंह द्वितीय और मंतव्य तृतीय स्थान पर रहे।
कृषि क्षेत्र के 15 किसानों को सम्मान, नई खेती और स्टार्टअप मॉडल की सराहना
कार्यक्रम में कृषि विभाग की ओर से कृषि क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले 15 किसानों को सम्मानित किया गया। सीतापुर के किसान उमेश कुमार को केला, आलू, शिमला मिर्च और गेहूं की कॉन्ट्रैक्ट खेती का मॉडल विकसित कर रोजगार बढ़ाने के लिए सम्मान मिला। बरेली के किसान महेश कुमार गुप्ता को संरक्षित खेती और एग्री-स्टार्टअप के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. संजय पाठक (सेवानिवृत्त प्रोफेसर), NDUAT अयोध्या को आंवला और सब्जियों की नई प्रजातियों के विकास और औद्योगिक क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मान मिला।
रंजीत (मत्स्य कृषक) को मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सम्मानित किया गया।
ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार: बेस्ट होम-स्टे, फार्म-स्टे और टूरिज्म विलेज को मिला अवॉर्ड
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर ग्रामीण पर्यटन से जुड़े लोगों को अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए। बेस्ट रूरल होम स्टे में स्टेज एंड ट्रेल्स आनंद भवन पैलेस, कन्नौज को गोल्ड पुरस्कार मिला।
राधा माधव होमस्टे, प्रतापगढ़ को सिल्वर और सप्त सरोवर, पीलीभीत को ब्रांज पुरस्कार मिला।
बेस्ट फार्म स्टे में रर्बन रिसॉर्ट, गाज़ियाबाद को स्वर्ण पुरस्कार मिला। लिविंग ग्रीन फार्म्स, प्रयागराज को रजत और मड हाउस फार्मस्टे, आगरा को कांस्य पुरस्कार मिला। बेस्ट टूरिज्म विलेज कैटिगरी में
भांवत, मैनपुरी को स्वर्ण, औरंगाबाद, गोरखपुर को रजत और सिंगरौर (उपरहार), प्रयागराज को कांस्य पदक मिला। बेस्ट सक्सेस स्टोरी में ललित निषाद, कठवारा गांव (लखनऊ) को स्वर्ण पुरस्कार मिला। अनीता पांडेय, सेहला गांव (पीलीभीत) को रजत और रीना, बरारा गांव (आगरा) को कांस्य पुरस्कार मिला।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान रविंद्र कुमार, यूपीएसटीडीसी के एमडी आशीष कुमार और पुष्प कुमार के. निदेशक ईको टूरिज्म मौजूद रहे। इस दौरान संस्कृति विभाग की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।






