Lucknow City

नए ट्रेड लाइसेंस शुल्क पर फिर उठा बवाल : लखनऊ की महापौर से मिले व्यापारी… दिया ये अल्टीमेटम

लखनऊ व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का आरोप- नगर निगम के कुछ अधिकारी पिछले दरवाजे से लाइसेंस शुल्क लागू करने का कर रहे प्रयास, सुषमा खर्कवाल ने दिया आश्वासन, इस विषय को सदन में रखकर कराया जाएगा पारित

लखनऊ, 25 जनवरी 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में नए ट्रेडों पर लाइसेंस शुल्क लगाए जाने को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। रविवार को लखनऊ व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने महापौर सुषमा खर्कवाल से उनके आवास पर मुलाकात कर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। व्यापारियों ने नए ट्रेड लाइसेंस शुल्क को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे व्यापारी समाज को गुमराह करने की साजिश बताया।

लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र के नेतृत्व में महामंत्री अनुराग मिश्र और वरिष्ठ उपाध्यक्ष उत्तम कपूर ने महापौर को अवगत कराया कि नगर निगम की कार्यकारिणी पहले ही यह स्पष्ट निर्णय ले चुकी है कि नए ट्रेडों पर कोई लाइसेंस शुल्क नहीं लगाया जाएगा। इसके बावजूद लगातार इसके विपरीत समाचार आ रहे हैं। इससे शहर के व्यापारियों में भारी रोष और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि 5 सितंबर 2024 को नगर निगम द्वारा 21 नए ट्रेडों पर लाइसेंस शुल्क लगाने का प्रस्ताव लाया गया था जिसका सभी व्यापारी संगठनों ने एकजुट होकर तीव्र विरोध किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के हस्तक्षेप के बाद 13 सितंबर 2024 को नगर निगम की कार्यकारिणी ने स्पष्ट रूप से लाइसेंस शुल्क न लगाने का निर्णय लिया था।

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इसके बावजूद 18 व 19 दिसंबर 2025 तथा पुनः 23 जनवरी 2026 को अपर नगर आयुक्त के हवाले से समाचार सामने आने से एक बार फिर संदेह पैदा कर दिया है। व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम के कुछ अधिकारी पिछले दरवाजे से लाइसेंस शुल्क लागू करने का प्रयास कर रहे हैं। इससे पहले भी ऐसी भ्रामक सूचनाओं के विरोध में व्यापारी नगर निगम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं, जहां महापौर ने स्वयं आश्वासन दिया था कि कोई नया लाइसेंस शुल्क या टैक्स नहीं लगाया जाएगा और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने दो टूक कहा कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार का नया लाइसेंस शुल्क या कर लागू करने की कोशिश की गई तो व्यापारी समाज व्यापक आंदोलन, नगर निगम से जुड़े करों के बहिष्कार और यहां तक कि लखनऊ बंद जैसे कदम उठाने के लिए मजबूर होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।

व्यापार मंडल ने महापौर से इस पूरे मामले में तत्काल लिखित और सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी करने तथा भ्रम फैलाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं महापौर सुषमा खर्कवाल ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि इस विषय को सदन में रखकर स्पष्ट रूप से पारित कराया जाएगा जिससे किसी भी तरह का भ्रम हमेशा के लिए समाप्त हो सके।

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