लखनऊ, 1 जनवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ ने नए साल का स्वागत आस्था, उत्साह और रंगीन जश्न के साथ किया। शहर की सुबह जैसे ही पहली किरणों के साथ जगमगाई लोग अपने-अपने अंदाज में नए साल की शुरुआत करते दिखे। कहीं मंदिरों में घंटों की गूंज सुनाई दी तो कहीं पार्कों में लोग धूप की गर्माहट में नए सपनों के साथ कदम बढ़ाते नजर आए।
शहर के हनुमान सेतु, मनकामेश्वर मंदिर, हजरतगंज स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर
सुबह से ही लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। श्रद्धालुओं का कहना था कि नए साल की शुरुआत प्रभु के आशीर्वाद से होगी तो पूरा वर्ष मंगलमय बीतेगा। कई लोग गुलदस्तों और फूलों से सजे थाल लेकर पहुंच रहे थे। कुछ ने मुस्कुराते हुए कहा कि उनका संकल्प सिर्फ एक दिन का नहीं बल्कि हर दिन खुद को बेहतर बनाने का सफर होगा।

शहर के पर्यटन स्थल भी आज घूमने और खुशी मनाने वालों से गुलजार नजर आए। छोटा और बड़ा इमामबाड़ा, रूमी गेट, पिक्चर गैलरी और घंटाघर जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर परिवारों और युवाओं की भारी चहल-पहल देखी गई। आईआईएम रोड स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल, चिड़ियाघर और गोमती रिवर फ्रंट पर सुबह से ही लोगों का जमावड़ा बना रहा। वहीं जनेश्वर मिश्र पार्क, कांशीराम ईको गार्डन, 1090 चौराहा और हजरतगंज में लोग घूमते, फोटो लेते और स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड का मजा लेते नज़र आए। Lucknow New Year 2026 News
उधर, फूलों की दुकानों पर कद्रदानों का अलग ही रंग दिखाई दिया। नई उम्मीदों की खुशबू में डूबी दुकानों पर बुके, गुलदस्ते और सिंगल रोज की मांग चरम पर पहुंच गई। लोग अपने दोस्तों, परिजनों और ऑफिस सहयोगियों के लिए फूल खरीदकर नए साल की शुभकामनाएं देते दिखे। दुकानदारों के चेहरों पर भी मुस्कान साफ झलक रही है क्योंकि साल का पहला दिन उनकी बिक्री को खास बना गया।

मौसम ने भी पूरे शहर का साथ दिया। लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच आज की मुलायम धूप ने राहत दी। इससे पार्क और गार्डन में पिकनिक मनाते परिवारों का मजा दोगुना हो गया।

भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस हर मोर्चे पर तैनात है। मुख्य मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है और पार्किंग व्यवस्था भी तय कर दी गई है। पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि पार्किंग से बाहर वाहन खड़ा किया तो चालान तय है। https://thehohalla.com/new-years-celebration-in-lucknow-takes-unexpected-turn/
नए साल का पहला दिन लखनऊ में उमंग, उल्लास, आस्था और अपनत्व के संग शुरू हुआ। शहर ने फिर साबित किया कि वह सिर्फ राजधानी ही नहीं बल्कि संस्कृति, उत्सव और जज्बातों का दिल है।






