जेवर, 28 मार्च 2026:
लंबे इंतजार के बाद पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज वन का लोकार्पण किया गया। करीब आठ साल पहले कागजों पर शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अब हकीकत बन चुका है और संचालन के लिए तैयार है। मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद फेज-1 के उद्घाटन के साथ एयरपोर्ट की उड़ान का रास्ता साफ हो गया है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के साथ उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का नया केंद्र मिलने जा रहा है, जिससे देश और दुनिया के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। इसके विचार और सफर पर नजर डालें तो पता चलता है कि इस परियोजना की शुरुआत 2017 में हुई थी। उसी साल जुलाई में साइट क्लीयरेंस मिला और अक्टूबर में गृह मंत्रालय से एनओसी जारी हुई। इसके बाद 2018 में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड का गठन किया गया, जिससे प्रोजेक्ट को औपचारिक रूप मिला। साल 2020 में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को कंसेशनायर चुना गया और आगे की प्रक्रिया तेज हो गई।
2021 में फाइनेंशियल क्लोजर और मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने के बाद अक्टूबर में अपॉइंटेड डेट तय हुई। इसके साथ ही निर्माण का रास्ता साफ हुआ। मार्च 2022 से निर्माण कार्य शुरू हुआ और टाटा प्रोजेक्ट्स को ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर बनाया गया। इसके बाद अगले दो साल में ज्यादातर काम तय समय के अंदर पूरा कर लिया गया। अक्टूबर 2025 में कैलिब्रेशन फ्लाइट सफल रही, जिससे तकनीकी तैयारियों की पुष्टि हुई। मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस मिलते ही एयरपोर्ट संचालन के लिए तैयार हो गया।
इस पूरे प्रोजेक्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमिका अहम रही। जमीन अधिग्रहण से लेकर निर्माण तक हर स्तर पर लगातार समीक्षा होती रही। विभागों के बीच तालमेल, जरूरी मंजूरियां और काम की रफ्तार पर खास ध्यान दिया गया, जिससे प्रोजेक्ट तय समय में आगे बढ़ सका। एयरपोर्ट को सिर्फ हवाई अड्डा नहीं बल्कि एक बड़े डेवलपमेंट हब के रूप में तैयार किया गया है। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में तेजी से औद्योगिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। इसके चलते निवेश, लॉजिस्टिक्स, कारोबार और रोजगार के नए मौके बन रहे हैं।






