लखनऊ, 29 मई 2026:
उत्तर प्रदेश में परिषदीय स्कूलों की पढ़ाई को और बेहतर बनाने के लिए अब जिला स्तर की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने जा रही है। निपुण भारत मिशन और गुणवत्ता शिक्षा से जुड़ी योजनाओं को जमीन पर असरदार बनाने के लिए 1 और 2 जून को लखनऊ में राज्य स्तरीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें प्रदेश के सभी 75 जिलों से जिला समन्वयक हिस्सा लेंगे।
प्रशिक्षण राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद एससीईआरटी, लखनऊ में कराया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिला समन्वयकों की मौजूदगी हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
सरकार की तैयारी सिर्फ योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं है। इस बार फोकस इस बात पर रहेगा कि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई का स्तर कैसे सुधरे, सीखने के परिणाम कैसे बेहतर हों और अकादमिक मॉनिटरिंग को ज्यादा असरदार कैसे बनाया जाए। प्रशिक्षण के दौरान जिला समन्वयकों को डेटा आधारित योजना निर्माण, समीक्षा प्रक्रिया, शिक्षक सहयोग तंत्र और स्कूल स्तर की शैक्षणिक निगरानी से जुड़ी नई कार्यप्रणालियों की जानकारी दी जाएगी।
निपुण भारत मिशन के तहत आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान यानी एफएलएन को मजबूत बनाने पर भी खास जोर रहेगा। इसके अलावा गतिविधि आधारित शिक्षण, गुणवत्ता मूल्यांकन, शिक्षक क्षमता संवर्धन और स्कूलों में बेहतर सीखने का माहौल तैयार करने जैसे विषयों पर भी सत्र आयोजित होंगे।
पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प, स्मार्ट क्लास, डिजिटल मॉनिटरिंग और ई-कंटेंट जैसी योजनाओं के जरिए परिषदीय शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। अब कोशिश इन सुधारों को जिला और विद्यालय स्तर तक ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू करने की है, ताकि पढ़ाई का असर सीधे बच्चों के सीखने पर दिखाई दे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में 1 जून को आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, देवीपाटन, गोरखपुर और चित्रकूट मंडल के जिला समन्वयकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरे चरण में 2 जून को झांसी, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर और वाराणसी मंडल के प्रतिभागी शामिल होंगे।






