लखनऊ, 16 फरवरी 2026:
यूपी विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्यपाल प्रदेश की संवैधानिक प्रमुख होती हैं और उनके प्रति अभद्र आचरण न केवल लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है बल्कि भावी पीढ़ी को भी गलत संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी सहित विपक्ष के व्यवहार को नकारात्मक सोच का प्रतिबिंब बताते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान से ही लोकतंत्र मजबूत होता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर दो टूक कहा कि आज उत्तर प्रदेश में न कर्फ्यू है, न दंगा है, बल्कि यूपी में सब चंगा है। उन्होंने बीते वर्षों में अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन व कानून के राज की ओर हुए परिवर्तन को रेखांकित किया। योगी ने कहा कि 2017 से पहले कर्फ्यू और दंगे प्रदेश की पहचान बन चुके थे, लेकिन अब उत्तर प्रदेश फियर जोन से निकलकर फेथ जोन में बदल चुका है। रिकॉर्ड स्तर पर पुलिस भर्तियां, मॉडर्न पुलिसिंग, साइबर व फॉरेंसिक ढांचे के सुदृढ़ीकरण और महिला सशक्तीकरण जैसे कदमों से कानून-व्यवस्था में ठोस सुधार आया है।
मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी के नेतृत्व में देश की उभरती टेक्नोलॉजी रणनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सोच के अनुरूप उत्तर प्रदेश ने भी खुद को परिवर्तन की आधारभूमि के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन की त्रिवेणी बताया। प्रयागराज की पावन त्रिवेणी से प्रेरित यह आधुनिक त्रिवेणी अब शासन की कार्यशैली और विकास की दिशा का प्रतीक बन चुकी है जो पारदर्शिता, भरोसे और परिणामों पर आधारित है।
निवेश और औद्योगिक विकास के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज एक भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है। डबल इंजन सरकार के तालमेल से बॉटलनेक कहे जाने वाले प्रदेश ने देश की अर्थव्यवस्था के ब्रेकथ्रू केंद्र के रूप में पहचान बनानी शुरू कर दी है।
धार्मिक आस्था और व्यवस्थागत क्षमता का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने महाकुंभ और माघ मेले की अभूतपूर्व सफलता का उल्लेख किया। प्रयागराज में करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षित सहभागिता को उन्होंने शासन-प्रशासन पर बढ़े भरोसे का प्रमाण बताया। महाशिवरात्रि पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं का संगम स्नान इस बात का संकेत है कि पर्व अब आशंका नहीं, उत्सव का केंद्र बन चुके हैं। अयोध्या की मर्यादा, काशी की चेतना, मथुरा-वृंदावन की भक्ति और प्रयागराज की समरसता इन आयोजनों में प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान नई ऊर्जा के साथ उभरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में साम्प्रदायिक दंगों का दौर थमा है। जीरो टॉलरेंस कल्चर ने कर्फ्यू कल्चर की जगह ली है और टेंपल-टूरिज्म व फेस्टिव इकोनॉमी तेजी से आगे बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश आज भरोसे, सुरक्षा और विकास के नए अध्याय में प्रवेश कर चुका है जहां कानून का राज ही प्रगति की पहली शर्त है।






