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अब न दंगा, न डर… पारदर्शी भर्तियां, योगी सरकार के 9 साल में यूपी की नई पहचान

‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक के विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में आए व्यापक बदलावों का किया उल्लेख, कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जा रहे त्योहार, नवरात्रि व रमजान में अब नहीं कोई तनाव

लखनऊ, 18 मार्च 2026:

‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक के विमोचन के अवसर पर बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में आए व्यापक बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब उस दौर से निकलकर एक नए युग में प्रवेश कर चुका है, जहां त्योहारों पर भय और तनाव की जगह शांति, सौहार्द और विश्वास का माहौल दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां पर्व-त्योहारों के दौरान दंगे और कर्फ्यू जैसी स्थितियां बन जाती थीं वहीं अब नवरात्रि और रमजान जैसे महत्वपूर्ण पर्व एक साथ शांति और अनुशासन के साथ मनाए जा रहे हैं। अलविदा की नमाज और ईद भी बिना किसी अव्यवस्था के संपन्न हो रही हैं। यह बदलाव प्रदेश में मजबूत कानून-व्यवस्था और सरकार की स्पष्ट नीति का परिणाम है। इससे लोगों में सुरक्षा का वास्तविक अहसास बढ़ा है।

उन्होंने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाएं पारदर्शी नहीं थीं और युवाओं के साथ अन्याय होता था। पिछले 9 वर्षों में सरकार ने इस स्थिति को पूरी तरह बदलते हुए 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं जिनमें 2 लाख 19 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती शामिल है। इससे सुरक्षा तंत्र को मजबूत आधार मिला है।

सीएम योगी ने पुलिस प्रशिक्षण क्षमता में हुए विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले 30 हजार भर्ती के लिए मात्र 3 हजार की प्रशिक्षण क्षमता थी। अब 2025 में भर्ती किए गए 60,244 पुलिसकर्मियों को प्रदेश के भीतर ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन भर्तियों में 20 प्रतिशत महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये सभी पुलिसकर्मी नवरात्रि के बाद फील्ड में तैनात होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पुलिस को आधुनिक और सक्षम बनाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब, स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट और स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) की स्थापना की है। उपेक्षित पड़ी पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित किया गया है। पहली बार तीन महिला बटालियनों का गठन किया गया है जिनका नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई और अवंती बाई लोधी के नाम पर रखा गया है।

उन्होंने बताया कि सात जिलों में कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है। हर जिले में साइबर थाने और हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। इसके अलावा SDRF को भी सशक्त किया गया है और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से अपराध नियंत्रण प्रणाली को और मजबूत बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी प्रयासों के चलते आज उत्तर प्रदेश देश में बेहतर कानून-व्यवस्था का एक मजबूत मॉडल बनकर उभरा है जहां नागरिकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

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