लखनऊ, 11 फरवरी 2026:
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी द्वारा संसद में टीईटी (TET) प्रकरण को लेकर दिए गए लिखित जवाब के विरोध में बुधवार को राजधानी लखनऊ में शिक्षकों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। बीएसए कार्यालय पर टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के संयुक्त आह्वान पर सैकड़ों शिक्षकों ने प्रदर्शन किया और NO TET BEFORE RTE ACT के नारे के साथ केंद्रीय मंत्री का पुतला दहन कर आक्रोश जताया।
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने आरोप लगाया कि मंत्री जयंत चौधरी ने 16 सितंबर को अपने आवास पर ज्ञापन लेने के दौरान भरोसा दिलाया था कि वे शिक्षकों के साथ हैं और 15 से 35 वर्षों की सेवा कर चुके शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्य करना न तो न्यायसंगत है और न ही विधिसंगत। लेकिन संसद में दिए गए लिखित उत्तर से शिक्षकों को ठगा हुआ महसूस हुआ है। इसी आक्रोश में शिक्षकों ने मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें शिक्षक विरोधी बताया।

संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष सुधांशु मोहन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस प्रकरण को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। जरूरत पड़ी तो देशभर के शिक्षक एकजुट होकर दिल्ली कूच करेंगे और सरकार को अपनी मांगों पर विचार करने के लिए मजबूर करेंगे। उन्होंने कहा कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर टीईटी थोपना उनके साथ अन्याय है और इससे अनुभवी शिक्षकों का मनोबल टूट रहा है।
प्रदर्शन में जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष फहीम, महानगर अध्यक्ष संदीप कुमार, मंत्री अभय प्रकाश, गोसाईगंज अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, काकोरी अध्यक्ष अजय सिंह, मंत्री महेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष ममता यादव, माल अध्यक्ष प्रदीप सिंह, मंत्री जितेंद्र कुमार, चिनहट अध्यक्ष विजय कुमार, मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी, सरोजनीनगर मंत्री धीरेंद्र कुमार और कोषाध्यक्ष जगत नारायण सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।






