
इस्लामाबाद, 12 जून 2025
पाकिस्तान का एक और झूठ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब हो गया है। बुधवार को पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसके सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को अमेरिका में आयोजित होने वाली 250वीं विक्ट्री डे परेड में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण मिला है। लेकिन अब इस दावे की सच्चाई सामने आ चुकी है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, जनरल मुनीर को इस परेड के लिए कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है, बल्कि उनका यह दौरा केवल अमेरिकी सैन्य अधिकारियों से मुलाकात के उद्देश्य से हो रहा है।
पाक मीडिया और सरकारी तंत्र द्वारा इस दौरे को बढ़ा-चढ़ाकर विक्ट्री डे समारोह से जोड़ा गया था, जिससे यह जताया जा सके कि पाकिस्तान को अमेरिका जैसे देश से विशेष सम्मान मिल रहा है। लेकिन सच्चाई इसके विपरीत निकली और 24 घंटे के अंदर ही यह दावा ध्वस्त हो गया। अब एक बार फिर पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय मंच पर किरकिरी हो रही है।
हालांकि, भारत की सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब भी इस दौरे पर बनी हुई है, क्योंकि यह दौरा भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए तनाव के बाद हो रहा है। इस बीच, अमेरिका की सेंट्रल कमांड (Centcom) के कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला ने पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी गतिविधियों की सराहना की और उन्हें “महत्वपूर्ण साझेदार” बताया।
गौरतलब है कि मई में हुए पहलगाम हमले के बाद भारत ने आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसके जवाब में दोनों देशों के बीच चार दिनों तक जबरदस्त तनाव रहा। अंत में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का दावा करते हुए इसका श्रेय स्वयं को दिया था।
जनरल मुनीर की अमेरिका यात्रा को लेकर पाकिस्तान ने जो कहानी रची थी, वह अब पूरी तरह से फेल हो चुकी है और एक बार फिर उसकी वैश्विक स्तर पर साख को झटका लगा है।






