राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 17 जनवरी 2026:
उत्तराखंड में पांवटा साहिब-देहरादून कॉरिडोर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से रोज बड़ी संख्या में यात्री, औद्योगिक और वाणिज्यिक वाहन गुजरते हैं। बीते कुछ वर्षों में इस मार्ग पर यातायात का दबाव तेजी से बढ़ा है, जिससे जाम और सड़क सुरक्षा की समस्या लगातार बनी रहती थी। इन्हीं हालात को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पांवटा साहिब-बल्लूपुर चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना (एनएच-07) को मंजूरी दी।
44.8 किलोमीटर का आधुनिक चार लेन हाईवे
इस परियोजना के तहत एनएच-07 के कुल 44.800 किलोमीटर लंबे हिस्से को चार लेन में विकसित किया जा रहा है। यह मार्ग पांवटा साहिब से शुरू होकर देहरादून के बल्लूपुर चौक तक जाता है। मौजूदा सड़क की लंबाई करीब 52 किलोमीटर है, लेकिन नई योजना में करीब 25 किलोमीटर ग्रीनफील्ड हाईवे तैयार किया गया है, जो पांवटा साहिब, हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई और सुद्धोवाला जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों को बायपास करता है।
यात्रा होगी तेज और सुरक्षित
ग्रीनफील्ड बायपास बनने से मार्ग की लंबाई करीब सात किलोमीटर कम हो गई है। इससे यात्रा समय और ईंधन खर्च दोनों में बड़ी बचत होगी। पहले की दो लेन सड़क बढ़ते यातायात के लिए अपर्याप्त हो चुकी थी, जबकि नया चार लेन हाईवे अधिक क्षमता, बेहतर सुरक्षा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
दिल्ली-देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर से जुड़ाव
इस परियोजना को दिल्ली–देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर से भी जोड़ा जा रहा है। इसके तहत एक नया ग्रीनफील्ड हाईवे विकसित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में यातायात और अधिक सुचारु होगा। यह इकोनोमिक कॉरिडोर पहले से उन्नत अवस्था में है और इसके विस्तार से उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
दो पैकेज में बन रही परियोजना
चार लेन परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मोड के तहत दो पैकेज में पूरा किया जा रहा है। पैकेज एक में पांवटा साहिब से मेदनीपुर तक 18.700 किलोमीटर का काम शामिल है, जिसकी लागत 553.21 करोड़ रुपये है। इसमें 1,175 मीटर लंबा चार लेन यमुना नदी पुल बनाया गया है। पैकेज दो में मेदनीपुर से बल्लूपुर तक 26.100 किलोमीटर का कार्य है, जिसकी लागत 1,093 करोड़ रुपये है। इसमें कई अंडरपास, सर्विस रोड और शहरी बायपास शामिल हैं। परियोजना की कुल लागत 1,646.21 करोड़ रुपये है और इससे 25 गांव प्रभावित हैं।
35 मिनट में पांवटा से देहरादून
परियोजना के तहत सभी बड़े पुल, अंडरपास और संरचनात्मक कार्य पूरे हो चुके हैं। कुछ हिस्सों में आरई वॉल और अंतिम पेवमेंट का काम चल रहा है, जिसे फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। 31.50 किलोमीटर तैयार हिस्से पर यातायात शुरू कर दिया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद पांवटा साहिब से देहरादून का सफर करीब दो घंटे से घटकर केवल 35 मिनट रह जाएगा। इससे देहरादून को जाम से राहत मिलेगी और पर्यटन, व्यापार, उद्योग व रोजगार को नई गति मिलेगी।






