Uttar Pradesh

UP में प्लग-एंड-प्ले क्रांति : निजी बिजनेस पार्क योजना को मंजूरी, संभल में मेगा लॉजिस्टिक्स क्लस्टर से खुलेगा निवेश का द्वार

प्रदेश में वैश्विक कंपनियों के लिए तैयार होंगे आधुनिक बिजनेस पार्क, 45 वर्षों के लिए किया जाएगा विकसित, वैश्विक निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

लखनऊ, 23 मार्च 2026:

यूपी सरकार ने औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025’ को मंजूरी दे दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी मिली। इसके तहत प्रदेश में विश्वस्तरीय प्लग-एंड-प्ले बिजनेस पार्क विकसित किए जाएंगे। इन आधुनिक पार्कों में वैश्विक कंपनियों के कार्यालय, अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और संचालन इकाइयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा।

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत रेडी-टू-ऑपरेट इंफ्रास्ट्रक्चर है जिससे निवेशकों को जमीन से लेकर बुनियादी ढांचे तक की जटिलताओं से राहत मिलेगी। अभी तक परियोजनाओं में देरी और लागत वृद्धि की बड़ी वजह तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर का अभाव रहा है। इसे यह योजना दूर करेगी। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार के अनुसार यह नीति प्रदेश की औद्योगिक निवेश नीतियों का पूरक बनकर तेज और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करेगी।

योजना के तहत हर बिजनेस पार्क कम से कम 10 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। हालांकि स्थान की उपलब्धता के अनुसार इसमें लचीलापन भी रहेगा। इन परियोजनाओं को डिजाइन, बिल्ट, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर (DBFOT) मॉडल पर लागू किया जाएगा। इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी और दक्षता को बढ़ावा मिलेगा। डेवलपर्स को 45 वर्षों की रियायत अवधि दी जाएगी जिसे आगे बढ़ाया भी जा सकेगा। इस दौरान वे परियोजना के निर्माण से लेकर संचालन तक की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे।

इस पहल से प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होने, हजारों रोजगार सृजित होने और राज्य के राजस्व में वृद्धि होने की उम्मीद है। साथ ही MSME और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलेगी और औद्योगिक क्लस्टरिंग को बढ़ावा मिलेगा। योजना में रिस्क शेयरिंग मॉडल को भी प्रोत्साहित किया गया है, जिससे निजी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

कैबिनेट ने अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत सम्भल जिले में गंगा एक्सप्रेसवे के पास इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) की स्थापना को भी मंजूरी दी है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित औद्योगिक कॉरिडोर के अंतर्गत तैयार की जाएगी।
करीब 245.42 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस क्लस्टर में सड़क, आरसीसी नालियां, कल्वर्ट, फायर स्टेशन, जलापूर्ति प्रणाली, विद्युत व्यवस्था और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसे ईपीसी मॉडल पर बनाया जाएगा, जिससे तय समयसीमा में कार्य पूरा हो सके।

इस क्लस्टर के विकसित होने से सम्भल और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को नई गति मिलेगी। साथ ही लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा, जिससे कारोबार करना आसान होगा। बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सरकार की ये दोनों पहलें उत्तर प्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम मानी जा रही हैं।

READ MORE 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button