बाराबंकी, 30 जनवरी 2026:
थ्रेशर मशीन से उड़ने वाली धूल को कैद करने वाली जिले की छात्रा पूजा पाल ने शुक्रवार को माता पिता के साथ सीएम योगी से मुलाकात की। अपने अविष्कार से जिले और प्रदेश का नाम करने पर बीते माह नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने पूजा पाल को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2025’ से सम्मानित किया था। आज उसी पुरस्कार के साथ पूजा जब सीएम से मिलीं तो योगी ने उन्हें शाबाशी दी और आगे बढ़ते रहने के लिए हौसलाअफजाई की।
बता दें कि पूजा पाल बाराबंकी जिले की सिरौलीगौसपुर तहसील के गांव अगेहरा की रहने वाली हैं। उनके पिता पुत्तीलाल मजदूरी करते हैं और मां सुनीला देवी सरकारी स्कूल में रसोइया हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में पली-बढ़ी पूजा ने कभी हालात को अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया। पांच भाई-बहनों के साथ रहते हुए उन्होंने घर के काम, पशुओं की देखभाल और पढ़ाई सब कुछ साथ-साथ किया।
आठवीं कक्षा में पढ़ते समय पूजा ने देखा कि थ्रेशर मशीन से उड़ने वाली धूल किसानों और आसपास के लोगों के लिए परेशानी बनती है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने टीन और पंखे की मदद से एक सरल मॉडल तैयार किया, जिससे थ्रेशर से निकलने वाली धूल एक थैले में इकट्ठा हो जाती है। पूजा की मेहनत रंग लाई जब उनका मॉडल वर्ष 2020 में जिला और मंडल स्तर पर चुना गया। इसके बाद यह राज्य स्तरीय प्रदर्शनी और राष्ट्रीय विज्ञान मेले तक पहुंचा। वर्ष 2024 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान मेले में भी उनके मॉडल को स्थान मिला।
उनकी प्रतिभा को देखते हुए भारत सरकार ने जून 2025 में पूजा पाल को शैक्षिक भ्रमण के लिए जापान भेजा। वहीं उनका चयन प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 के लिए हुआ। राष्ट्रपति ने गत 26 दिसंबर को उन्हें पुरस्कार दिया। सीएम ने भी उसी दिन पूजा को बधाई दी थी।
आज शुक्रवार को छात्रा पूजा अपने पुरस्कार के साथ लखनऊ सीएम आवास पहुंचीं। यहां मुलाकात के दौरान उन्होंने सीएम को पुरस्कार दिखाया। सीएम ने खुशनुमा माहौल में पूजा को शाबाशी दी और आगे बढ़ने में हर संभव मदद का भरोसा दिया। कहा बेफिक्र होकर आगे बढ़ते रहो। इस अवसर पर उनके पिता पुती लाल, माता श्रीमती सुनीला देवी एवं एनजीओ की संस्थापक डॉ. ईभा पटेल भी उपस्थित रहीं।






