राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 18 मार्च 2026:
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने बुधवार को राजधानी देहरादून में गांधी पार्क से सचिवालय तक मार्च निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए आंदोलनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आक्रोश व्यक्त किया।
गांधी पार्क से शुरू हुआ सचिवालय कूच सुभाष रोड तक पहुंचा जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके विरोध में आंदोलनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज कर दिया।
मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों की समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 के बाद आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण नहीं हो पाया है। 13 जिलों में यह प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी है। हर जिला प्रशासन अलग-अलग मानक अपनाकर प्रक्रिया को और जटिल बना रहा है।
उन्होंने क्षैतिज आरक्षण के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वास्तविक आंदोलनकारियों तक नहीं पहुंच रहा है। इसमें पक्षपात किया जा रहा है। कुकरेती ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास फिल्म देखने का समय है लेकिन आंदोलनकारियों से मिलने के लिए 13 मिनट भी नहीं हैं।
प्रदर्शन के बाद मंच के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जिसमें चिन्हीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने, भेदभाव खत्म करने और सभी लंबित मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में केशव उनियाल, जगमोहन सिंह नेगी, सतेन्द्र भण्डारी, गणेश डंगवाल, पूरण सिंह लिंगवाल, रामलाल खंडूड़ी, सुलोचना भट्ट समेत कई आंदोलनकारी मौजूद रहे।






