योगेंद्र मलिक
हरिद्वार, 23 फरवरी 2026:
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की जनसुनवाई में अलग-अलग विभागों से जुड़ी 78 शिकायतें सामने आईं, जिनमें से 42 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि बाकी शिकायतें संबंधित विभागों को तय समय में कार्रवाई के लिए भेज दी गईं। सबसे ज्यादा शिकायतें जमीन विवाद, राजस्व, बिजली, राशन, अतिक्रमण, पेयजल, पंचायत और शिक्षा विभाग से जुड़ी रहीं। कई लोगों ने निजी समस्याएं रखीं तो कुछ मामलों में पूरे मोहल्ले और गांव की दिक्कतें सामने आईं।
सैनिक कॉलोनी पथरी के प्रवीण शर्मा ने रेलवे स्टेशन के पास भारी वाहनों की आवाजाही से टूटी सड़कों और उड़ती धूल का मुद्दा उठाया। उन्होंने सड़क मरम्मत और नियमित पानी के छिड़काव की मांग की। ज्वालापुर के सतीश कुमार अरोड़ा ने हरिलोक आवासीय योजना में खरीदी जमीन के एक हिस्से के अधिग्रहण के बाद भी मुआवजा न मिलने की शिकायत दर्ज कराई।
धनौरी सिडकुल लिंक मार्ग स्थित शिव गंगा बिहार कॉलोनी के लोगों ने क्षतिग्रस्त पुल और बरसाती पानी की निकासी न होने से जलभराव की परेशानी बताई। गाढ़मीरपुर के तेजपाल सिंह ने चकरोड पर अवैध बांध बनाकर पानी छोड़े जाने से फसल खराब होने की शिकायत रखी। भगवानपुर क्षेत्र के सचिन सिंह ने घर के बाहर लगातार कूड़ा डाले जाने से फैल रही गंदगी पर कार्रवाई की मांग की, जबकि रुड़की के अंतर सिंह ने सार्वजनिक रास्ता बहाल कराने की गुहार लगाई।
डीएम मयूर दीक्षित ने साफ कहा कि हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और तय समय के भीतर हल किया जाए। जहां मौके पर जांच जरूरी है, वहां अधिकारी खुद पहुंचकर समाधान करें। उन्होंने चेतावनी दी कि एक ही समस्या लेकर कोई फरियादी दोबारा जनसुनवाई में न आए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जाएगी।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा भी हुई। डीएम ने 36 दिन से ज्यादा समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। फिलहाल एल-1 स्तर पर 461 और एल-2 स्तर पर 95 शिकायतें लंबित हैं। अधिकारियों से कहा गया कि शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर मसले का हल निकालें, सिर्फ कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर.के. सिंह समेत कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।






