शानदार शुरुआत लेकिन दबाव में टूटी लय : मलयेशिया ओपन के सेमीफाइनल में थमी पीवी सिंधू की चुनौती
गलतियों से मैच में पिछड़ गईं सिंधू, चीन की दूसरी वरीयता प्राप्त और विश्व नंबर दो खिलाड़ी वांग झीयी के खिलाफ सीधे गेम में 16-21, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा
खेल डेस्क, 10 जनवरी 2026:
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू का मलयेशिया ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट में शानदार सफर सेमीफाइनल में आकर थम गया। महिला एकल के सेमीफाइनल मुकाबले में सिंधू को चीन की दूसरी वरीयता प्राप्त और विश्व नंबर दो खिलाड़ी वांग झीयी के खिलाफ सीधे गेम में 16-21, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही टूर्नामेंट में भारत की चुनौती भी समाप्त हो गई।
पैर की चोट से उबरने के बाद यह सिंधू का पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था। उन्होंने शुरुआत में अपनी फिटनेस और अनुभव का अच्छा प्रदर्शन किया। मुकाबले के पहले गेम में सिंधू ने आक्रामक रुख अपनाते हुए दमदार स्मैश लगाए और अपनी लंबी पहुंच का प्रभावी इस्तेमाल किया। उन्होंने अपने चिर-परिचित क्रॉस-कोर्ट स्मैश के सहारे 5-2 की शुरुआती बढ़त बना ली। हालांकि वांग की सटीक नेट प्ले और धैर्यपूर्ण खेल ने जल्द ही स्कोर बराबर कर दिया।

पहले गेम के मध्य तक मुकाबला बराबरी का रहा और स्कोर 13-13 तक पहुंच गया। इसके बाद वांग ने आक्रमण तेज किया और लगातार तेज रैलियों में सिंधू को उलझाते हुए दबाव बना दिया। सटीक प्लेसमेंट और आक्रामक शॉट्स के दम पर वांग 18-14 से आगे निकल गईं और चार गेम प्वाइंट हासिल करते हुए पहला गेम अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम की शुरुआत में सिंधू कुछ गलतियों के कारण पीछे रहीं लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए ब्रेक तक 11-6 की बढ़त हासिल कर ली। इस दौरान उन्होंने कोर्ट के कोणों का बेहतरीन इस्तेमाल किया और आक्रामक रैलियों में बढ़त बनाए रखी। ब्रेक के बाद वांग ने एक बार फिर लय पकड़ी और तेज हमलों के जरिए दबाव बढ़ाया। स्कोर 13-13 पर बराबर होते ही मैच का रुख बदल गया।
दबाव में सिंधू से लगातार गलतियां होने लगीं। शटल कभी बैकलाइन के बाहर गई तो कभी नेट से टकराई। इसका पूरा फायदा उठाते हुए वांग झीयी ने बढ़त बना ली और पांच मैच प्वाइंट हासिल किए। अंत में सिंधू का शॉट बाहर जाते ही वांग ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
गौरतलब है कि क्वार्टर फाइनल में जापान की अकाने यामागुची के चोट के कारण हटने से सिंधू को सेमीफाइनल में प्रवेश मिला था लेकिन वह फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। इसके बावजूद चोट के बाद वापसी करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर सिंधू के आत्मविश्वास के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।






