National

राहुल गांधी ने फिर बोला चुनाव आयोग पर हमला, कहा – टालमटोल नहीं, सच बोलें..

नई दिल्ली, 8 जून 2025

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता ने एक बार फिर चुनाव में “धांधली” का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों में भी इसी प्रकार की कोशिशे होंगी। वहीं राहुल गांधी के इस आरोप को लेकर भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने पलटवार किया। चुनाव आयोग ने इसे पूरी तरह से “निराधार” बताया है। चुनाव आयोग के पलटवार के बाद इस मामले में एक बार फिर से राजनीतिक घमासान मच गया। चुनाव आयोग के जबाव में शनिवार को गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव आयोग को “बिना हस्ताक्षर वाले, टालमटोल वाले नोट” जारी करने के बजाय उनके लेख में उठाए गए सवालों का जवाब देना चाहिए।


गांधी ने संवैधानिक संस्था पर उनके द्वारा उठाए गए गंभीर सवालों के जवाब में “बिना हस्ताक्षर वाले, टालमटोल वाले नोट” जारी करने का आरोप लगाया। गांधी ने मांग की कि चुनाव आयोग उनके लेख में उठाए गए सवालों का जवाब दे और महत्वपूर्ण चुनाव डेटा प्रकाशित करके अपनी विश्वसनीयता साबित करे।उन्होंने कहा, “यदि आपके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो मेरे लेख में दिए गए प्रश्नों का उत्तर दें और इसे साबित करें: महाराष्ट्र सहित सभी राज्यों के लोकसभा और विधानसभा के हालिया चुनावों के लिए समेकित, डिजिटल, मशीन-पठनीय मतदाता सूची प्रकाशित करें। महाराष्ट्र के मतदान केंद्रों से शाम 5 बजे के बाद की सभी सीसीटीवी फुटेज जारी करें।”

राहुल के दावे पर ECI :

वैसे महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी के धांधली वाले दावों को चुनाव आयोग ने पूरी तरह से निराधार बताया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि कांग्रेस नेता इस मामले को फर्जी तरीके से जनता के सामने रख रहे हैं। चुनाव में फर्जी मतदाताओं के दावे भी पूरी तरह से बेवुनियाद है।

क्या दावा किया राहुल गांधी ने :

राहुल गांधी ने बीते दिनों बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए दावा किया, कि महाराष्ट्र जैसी धांधली बिहार में भी होगी। यहां पर भी फर्जी मतदाताओं और चुनाव आयोग की मिलीभगत से परिणामों में हेराफेरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्रा जैसा पैटर्न यहां बिहार में भी दोहराया जाएगा। वहीं इसे लेकर राहुल गांधी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट भी किया जिसमें उन्होंने बताया कि आखिर कैसे ये धांधली होगी।

 

 

ये भी पढ़ें  अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता दिवस: आज का दिन क्यों सिखाता है साथ रहने की ताकत? जानिए 20 दिसंबर का महत्व

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link