लखनऊ, 27 मार्च 2026:
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राहुल गांधी की नागरिकता विवाद से जुड़ी याचिका में अहम आदेश दिया है। अदालत ने केंद्र सरकार को गृह मंत्रालय के जरिए पक्षकार बनाने की अर्जी मंजूर करते हुए 6 अप्रैल तक संबंधित रिकॉर्ड पेश करने को कहा है। इसी दिन मामले की अगली सुनवाई भी होगी।
न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने यह आदेश याची एस. विग्नेश शिशिर की अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया। याची ने पहले के आदेश को चुनौती देते हुए मामले की जांच की मांग की है। इससे पहले 19 मार्च की सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से कहा गया था कि मामले से जुड़े दस्तावेज संवेदनशील हैं, इसलिए खुली अदालत में सुनवाई ठीक नहीं होगी।
अदालत ने इस दलील को स्वीकार किया और चैंबर में सुनवाई की गई। उस दौरान गृह मंत्रालय के अधिकारी रिकॉर्ड लेकर पेश हुए थे। अदालत ने दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद उन्हें वापस कर दिया था।
याचिका कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता शिशिर की ओर से दायर की गई है। इसमें लखनऊ की एमपी-एमएलए अदालत के 28 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती दी गई है। उस आदेश में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज कर दी गई थी। याची ने पासपोर्ट अधिनियम समेत अन्य कानूनों के तहत जांच की मांग उठाई है, जिस पर अब हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है।






