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‘पंडित’ शब्द पर सियासी संग्राम : दरोगा भर्ती के सवाल से गरमाई UP की राजनीति, विपक्ष ने भाजपा सरकार को घेरा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आखिर भाजपा को ब्राह्मणों से इतनी नफरत क्यों है? सपा नेता ने ब्राह्मण समाज का लगातार अपमान किए जाने का सरकार पर आरोप लगाया

लखनऊ, 15 मार्च 2026:

यूपी पुलिस में दरोगा भर्ती की लिखित परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द के कथित अपमानजनक संदर्भ को लेकर सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे पर जहां भाजपा के ब्राह्मण नेता मुख्यमंत्री से जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दलों ने इसे ब्राह्मण समाज के अपमान से जोड़ते हुए योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस मामले को ब्राह्मण उत्पीड़न का नया अध्याय करार देते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता के नशे में चूर भाजपा ने अपने ही समर्थक समाज को हाशिए पर धकेल दिया है। अजय राय ने कहा कि जिस समाज ने भाजपा को अटल बिहारी वाजपेयी और दीनदयाल उपाध्याय जैसे महान ब्राह्मण नेता दिए, आज उसी समाज को ‘अवसरवादी’ के पर्याय के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने इसे घटिया राजनीति की पराकाष्ठा बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर भाजपा को ब्राह्मणों से इतनी नफरत क्यों है?

पूर्व राज्य मंत्री एवं सपा नेता पवन पांडेय ने भी सरकार को घेरते हुए पूछा कि गृह विभाग और पुलिस विभाग आखिर किसके अधीन हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से ब्राह्मण समाज के लोगों पर हमले और फर्जी मुकदमों के आरोप लगातार सामने आते रहे हैं। पांडेय ने ‘बाटी-चोखा’ प्रकरण और बटुक ब्राह्मणों के साथ हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि समाज अपने अपमान को नहीं भूलेगा।

गोरखपुर के कद्दावर नेता रहे पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के बेटे एवं सपा नेता विनय शंकर तिवारी ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ब्राह्मण समाज का लगातार अपमान किया जा रहा है। उन्होंने हाल ही में विवादों में रही ‘घूसखोर पंडत’ नाम की वेब सीरीज का जिक्र करते हुए कहा कि भारी विरोध के बाद उसे वापस लेना पड़ा था। उनके अनुसार दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछा गया सवाल कोई सामान्य गलती नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा लगता है।

दरोगा भर्ती परीक्षा के इस विवाद ने प्रशासनिक लापरवाही के साथ-साथ प्रदेश की सियासत को भी गर्मा दिया है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आगामी चुनावों से पहले ब्राह्मण वोटों की नाराजगी भाजपा के लिए चुनौती बन सकती है।

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