अयोध्या, 19 फरवरी 2026:
फाल्गुन शुक्ल पंचमी के अवसर पर 22 फरवरी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक राम मंदिर परिसर में पहली बार घोष वादन से रामलला की स्तुति करेंगे। इस विशेष कार्यक्रम को श्रीरामार्चनम नाम दिया गया है, जिसकी तैयारियां पिछले कई महीनों से चल रही थीं।
दिल्ली प्रांत के करीब 100 प्रशिक्षित स्वयंसेवक अयोध्या पहुंचकर सामूहिक घोष वादन प्रस्तुत करेंगे। वेणु यानी बांसुरी, श्रृंग और शंख जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर अलग-अलग रागों में प्रस्तुति दी जाएगी। कुछ वादन स्थिर रूप से होंगे, जबकि शेष कार्यक्रम पथ संचलन के साथ किया जाएगा।
एक समान वेशभूषा में स्वयंसेवक कदम से कदम मिलाकर रामपथ पर चलेंगे। इस दल के साथ 25 स्वयंसेवकों के परिवारजन और व्यवस्था से जुड़े कार्यकर्ता भी मौजूद रहेंगे। तय कार्यक्रम के तय क्रम के अनुसार स्वयंसेवक 21 फरवरी की सुबह अयोध्या पहुंचेंगे। 22 फरवरी को सरयू तट पर दोपहर सवा तीन बजे घोष वादन की शुरुआत होगी।
यहां से संचलन करते हुए दल लता मंगेशकर चौक पहुंचेगा, जहां स्वर कोकिला लता मंगेशकर और बलिदानी कारसेवकों को रागमयी श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद स्वयंसेवक रामपथ होते हुए हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचेंगे, जहां घोष वादन के साथ स्तुति कार्यक्रम होगा। शाम करीब सवा पांच बजे दल राम मंदिर पहुंचेगा और एक घंटे तक प्रदक्षिणा के साथ स्थिर वादन करेगा। कार्यक्रम के अंत में सभी स्वयंसेवक संध्या आरती में शामिल होकर रामलला के दर्शन करेंगे।






