चंडीगढ़, 1 मई 2026:
मजदूर दिवस पर बुलाए गए पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में शुक्रवार को जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर शराब पीकर सदन में आने का आरोप लगाया, जिसके बाद माहौल गर्म हो गया और विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।
सत्र के दौरान विवाद की शुरुआत कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा के मोबाइल इस्तेमाल को लेकर हुई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि ऐसे गंभीर आरोपों की जांच होनी चाहिए और एल्कोमीटर से सभी सदस्यों का टेस्ट कराया जाए। इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
वहीं, वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने खैरा के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की बात कही। हंगामे के बीच स्पीकर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बिना आधार के आरोप स्वीकार नहीं किए जाएंगे और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। स्थिति शांत न होते देख कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष ने बार-बार विशेष सत्र बुलाने पर भी सवाल उठाए और कहा कि नियमित सत्र में विधायकों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए। सदन के बाहर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी प्रदर्शन किया। दूसरी तरफ भाजपा ने चंडीगढ़ में अलग से समानांतर सत्र आयोजित कर राज्य के मुद्दों पर चर्चा की।






