प्रमोद कुमार
मलिहाबाद (लखनऊ), 9 अप्रैल 2026:
मलिहाबाद इलाके में निजी स्कूलों की फीस और किताबों को लेकर मनमानी के खिलाफ अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है। कोर्स, किताब और कॉपी के नाम पर हजारों रुपये वसूले जाने का आरोप लगाया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन एक तय दुकान से ही किताबें खरीदने का दबाव बना रहे हैं, जहां दाम बाजार से काफी ज्यादा हैं।
गुरुवार को इस मुद्दे पर सामाजिक न्याय महासभा के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को संबोधित ज्ञापन एसडीएम मलिहाबाद को सौंपा। संगठन का कहना है कि स्कूल एनसीईआरटी की सस्ती किताबों की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोप रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
अभिभावकों का आरोप है कि 3000 से 5000 रुपये तक की रकम किताबों के नाम पर ली जा रही है। इसके बावजूद कई बच्चों को समय पर किताबें नहीं मिल पा रहीं, जिससे पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ज्ञापन देने वालों में संगठन के अध्यक्ष फुरकान खान और उपाध्यक्ष जीशान वली खान शामिल रहे।
उन्होंने मांग की कि किताबों के नाम पर हो रही वसूली पर तुरंत रोक लगे, किसी एक दुकान से खरीदने की बाध्यता खत्म की जाए और सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लागू की जाएं। साथ ही नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। वहीं प्रशासन ने मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया है।






