Raebareli City

रायबरेली : फर्जी बैंक लोन रैकेट का भंडाफोड़… बीकेटी व उन्नाव के दो दम्पति समेत पांच गिरफ्तार

बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़ा है फ्रॉड, सैलरी स्लिप और सरकारी खाते का झांसा देकर लिए गए लोन, सीतापुर का भी है एक आरोपी, गिरोह पर 9 करोड़ से ज्यादा की ठगी का आरोप

विजय पटेल

रायबरेली, 9 अप्रैल 2026:

रायबरेली में बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा से जुड़े बड़े पर्सनल लोन घोटाले का खुलासा हुआ है। शहर कोतवाली पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन दिलाने वाले संगठित गिरोह को पकड़ते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें उन्नाव व एक लखनऊ बीकेटी निवासी दो दम्पति व सीतापुर का एक आरोपी शामिल है।

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से बैंक को चूना लगा रहा था। आरोपी फर्जी सैलरी स्लिप, नियुक्ति पत्र और आधार कार्ड तैयार करते थे। इसके साथ ही ट्रेजरी के नाम पर बैंक में खाता खुलवाया गया। कुछ समय तक उस खाते में लेन-देन कर उसे सरकारी खाता जैसा दिखाया गया, जिससे बैंक को भरोसा हो जाए कि खाते में नियमित वेतन आ रहा है।

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इसी फर्जीवाड़े के आधार पर आरोपियों ने अलग-अलग नामों से पर्सनल लोन हासिल किए। अब तक की जांच में 38 लाख 90 हजार रुपये का लोन इन्हीं गिरफ्तार आरोपियों के जरिए लिए जाने की बात सामने आई है। वहीं पूरे नेटवर्क पर करीब 9 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी का शक जताया गया है। जिन लोगों के दस्तावेज इस्तेमाल हुए, उन्हें भी कुछ रकम देकर इस खेल में शामिल किया गया।

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इस मामले में 48 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। बैंक की तरफ से 29 दिसंबर 2025 को मुख्य शाखा में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस का कहना है कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारी हो सकती है।

गिरफ्तार आरोपियों में राजेश सिंह निवासी इंदिरा नगर, कस्बा हैदराबाद थाना आसीवन उन्नाव, बबलू राठौर व उसकी पत्नी कामिनी राठौर निवासी गुप्ता कॉलोनी तरीनपुर थाना कोतवाली सीतापुर, गोपाल सिंह निवासी गांव गाजीपुर माजरा भैंसामऊ थाना बीकेटी लखनऊ व उसकी पत्नी राधिका देवी शामिल हैं।

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