AI के नाम पर वसूली : अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर साधा निशाना
सपा प्रमुख बोले-तकनीक का इस्तेमाल जनसुविधा नहीं, ‘आमदनी’ बढ़ाने के लिए, जाम के असली कारणों को नजरअंदाज करने का आरोप
लखनऊ, 9 अप्रैल 2026:
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग जनता की सुविधा के बजाय वसूली के नए तरीके विकसित करने के लिए कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपाइयों के लिए AI का मतलब ‘आमदनी (Income)’ हो गया है।
सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार के जाते-जाते हर स्तर पर पैसे कमाने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस के जरिए खुलेआम उगाही करवाई जा रही है और अब AI के नाम पर डिजिटल तरीके से वसूली का नया तंत्र खड़ा किया गया है।
जाते-जाते भाजपा सरकार हर तरह से पैसे कमाने में लगी है। ट्रैफ़िक पुलिस से सरेआम उगाही करवा रही भाजपा सरकार ने अब AI के नाम पर लूटने का नया तरीक़ा निकाला है। भाजपाइयों के लिए AI का मतलब ‘आमदनी Income’ है।
जाम लगने के कई कारण होते हैं, जिसमें :
– सड़क की दशा
– सड़क की चौड़ाई
-… pic.twitter.com/W7bvrIkT31— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 9, 2026
अखिलेश ने ट्रैफिक जाम की समस्या को लेकर भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जाम लगने के कई वास्तविक कारण होते हैं, जैसे सड़कों की खराब हालत, उनकी कम चौड़ाई, सिग्नलों की खराब स्थिति, नाकाबंदी, रूट डायवर्जन, वन-वे व्यवस्था की कमी, डिवाइडर की खस्ताहाल स्थिति और जलभराव। इसके अलावा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन, पुलिसकर्मियों की खराब कार्य स्थितियां, संसाधनों की कमी, ड्राइवरों पर समय का दबाव, गाड़ियों की फिटनेस और लोगों में जागरूकता की कमी भी बड़ी वजहें हैं।
उन्होंने कहा कि इन मूल समस्याओं को सुधारने के बजाय सरकार चालान के जरिए राजस्व बढ़ाने पर अधिक ध्यान दे रही है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी कम रहती है। वे आगे किसी मोड़ पर छिपकर नियम तोड़ने वालों का इंतजार करती हैं ताकि चालान के जरिए वसूली की जा सके।
सपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि अब उगाही डिजिटल पेमेंट के माध्यम से दूसरे खातों में ली जा रही है जिससे पकड़ में आने का खतरा कम हो गया है। वहीं, सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि रिकॉर्डिंग तभी सामने आती है जब सरकार किसी को फंसाना चाहती है, अन्यथा ‘तकनीकी खराबी’ का बहाना बना दिया जाता है।
अखिलेश यादव ने अंत में कहा कि जनता भाजपा सरकार के कथित भ्रष्टाचार से परेशान हो चुकी है और आने वाले चुनाव में भाजपाई लाइसेंस को हमेशा के लिए रद्द कर देगी। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि भाजपा जाए तो गाड़ी आगे बढ़ पाए।






