अयोध्या, 16 जनवरी 2026:
रामनगरी अयोध्या स्थित रामायण विश्वविद्यालय में शुक्रवार को भगवान श्रीराम की 35 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि फैसले हमेशा लोकहित में लेने चाहिए, प्रभु राम का जीवन हमें यही संदेश देता है।
महर्षि महेश योगी की जयंती पर महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय में आयोजित अनावरण समारोह में राज्यपाल ने कहा कि यह प्रतिमा सिर्फ स्थापत्य कला का नमूना नहीं है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना और आस्था का भी प्रतीक है। भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति के केंद्र में हैं और उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि सत्ता सेवा का माध्यम होती है, शक्ति संयम से चलती है और फैसले हमेशा लोकहित में होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि विकास की असली ऊंचाई मानव मूल्यों से ही तय होती है। श्रीराम का जीवन हमारे आचरण, विचार और नीतियों में झलकना चाहिए। राष्ट्र निर्माण के हर क्षेत्र में उनके आदर्श दिखाई देने चाहिए।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा एक-दूसरे की पूरक हैं। शिक्षा ही समाज में स्थायी बदलाव की बुनियाद रखती है। महर्षि महेश योगी ध्यान को मानव जीवन की संपूर्ण क्षमताओं के विकास का जरिया मानते थे।

उन्होंने कहा कि अयोध्या रामराज्य के आदर्श का शाश्वत प्रतीक है और महर्षि महेश योगी भारतीय ज्ञान परंपरा के महान संवाहक थे, जिनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। इससे पूर्व गवर्नर का महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कार्यक्रम में स्वागत किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति अजय श्रीवास्तव, अधिकारी, शिक्षक, छात्र और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।






