सिद्धार्थनगर, 28 जनवरी 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सिद्धार्थनगर में 1000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध की तपोभूमि सिद्धार्थनगर अपनी आध्यात्मिक पहचान के साथ-साथ आर्थिक प्रगति की नई मिसाल भी बन रहा है। जिले का पारंपरिक उत्पाद काला नमक चावल अब किसानों की समृद्धि और वैश्विक बाजार में पहचान का माध्यम बन चुका है।

करीब 2600 वर्ष पुराना काला नमक चावल सिद्धार्थनगर के पिपरहवा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। इतिहासकारों और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार 600 ईसा पूर्व से यहां इसकी खेती होती चली आ रही है। कहा जाता है कि ज्ञान प्राप्ति के बाद जब महात्मा बुद्ध कपिलवस्तु लौटे तब उन्होंने ग्रामीणों को आशीर्वाद स्वरूप काली भूसी वाले धान के दाने दिए थे। बुद्ध की स्मृति से जुड़ी इसकी विशिष्ट सुगंध ने इसे धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा बना दिया।

काला नमक चावल अपनी अनूठी खुशबू और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। पकने के बाद भी इसकी सुगंध लंबे समय तक बनी रहती है। इसमें आयरन, जिंक सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इससे यह स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यही कारण है कि इसे भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में भी पूजा जाता है।
प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद–एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना ने काला नमक चावल को नई उड़ान दी है। योजना के तहत किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि तकनीक, प्रशिक्षण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग का सहयोग मिला। पहले जहां इसकी खेती केवल 2642 हेक्टेयर क्षेत्र तक सीमित थी वहीं अब यह बढ़कर लगभग 18 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गई है। इससे उत्पादन बढ़ा और किसानों की आय में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

ओडीओपी और जिला प्रशासन के प्रयासों से काला नमक चावल अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बना चुका है। सिंगापुर और थाईलैंड जैसे देशों में इसका निर्यात हो रहा है जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है और जिले का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन हो रहा है।
काला नमक चावल के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन को प्रधानमंत्री पुरस्कार 2021, स्कॉच अवार्ड 2022 (गोल्ड) और राष्ट्रीय ओडीओपी अवार्ड 2024 से सम्मानित किया जा चुका है। ये उपलब्धियां साबित करती हैं कि परंपरा और आधुनिकता के सही तालमेल से विकास की मजबूत कहानी लिखी जा सकती है।






