सीतापुर, 29 जनवरी 2026:
सीतापुर जिले के चार प्राचीन और आस्था के प्रमुख केंद्रों का जल्द ही कायाकल्प होने जा रहा है। पर्यटन विभाग की ओर से इन मंदिरों के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाने के लिए कुल 4.80 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। प्रत्येक मंदिर पर 1.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस योजना में 84 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित बड़ा हनुमान मंदिर, मछरेहटा का माता भारासैनी मंदिर, गोंदलामऊ का पांडेश्वर महादेव मंदिर और सेवता का सोनासरी माता मंदिर शामिल हैं। मिश्रिख सांसद और सेवता विधायक द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को शासन ने स्वीकृति दे दी है।

पर्यटन विभाग के तहत होने वाले इन कार्यों में श्रद्धालुओं की सहूलियत को खास तौर पर ध्यान में रखा गया है। मंदिर परिसरों में टिन शेड, बैठने के लिए बेंच, विश्रामालय, बेहतर रोशनी की व्यवस्था, इंटरलॉकिंग टाइल्स और सीसी रोड का निर्माण कराया जाएगा, ताकि दर्शन के लिए आने वालों को किसी तरह की परेशानी न हो।
मिश्रिख क्षेत्र में स्थित बड़ा हनुमान मंदिर का इतिहास काफी पुराना बताया जाता है। 84 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर पड़ने के कारण इस मंदिर की खास पहचान है। पंचकोसी परिक्रमा और होली परिक्रमा मेले के दौरान यहां भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मछरेहटा क्षेत्र का माता भारासैनी मंदिर भी आस्था का बड़ा केंद्र है। इसका इतिहास करीब 500 वर्ष पुराना बताया जाता है। मान्यता है कि देवी की मूर्ति एक टीले की खुदाई के दौरान मिली थी, जिसके बाद यहां मंदिर की स्थापना हुई।

गोंदलामऊ क्षेत्र के तरसवां गांव के मजरा पल्हवापुर में स्थित पांडेश्वर महादेव मंदिर को पांडव कालीन माना जाता है। दूर-दराज से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। इसके अलावा सेवता क्षेत्र के प्राचीन माता सोनासरी मंदिर का इतिहास आल्हा-ऊदल से जुड़ा है। मान्यता है कि इसका निर्माण आल्हा की पत्नी सोनवा ने 800 वर्ष पहले करवाया था। इस मंदिर में ख्याति जिले के साथ ही बहराइच, लखनऊ, लखीमपुर और बाराबंकी में भी है।






