राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 2 अप्रैल 2026:
चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित, स्वच्छ और अनुशासित बनाने के लिए नगर पंचायत बद्रीनाथ प्रशासन ने इस बार सख्त रुख अपनाया है। यात्रा शुरू होने से पहले ही तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए प्रशासन ने 50 सदस्यीय विशेष टीम को आस्था पथ पर तैनात किया है। यह टीम बर्फ हटाने, स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करने और क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत का काम कर रही है जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
यात्रा के दौरान अनियंत्रित भीड़ और अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन ने बिना अनुमति आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर कड़ी पाबंदी लगा दी है। अब कथा, भंडारा या किसी भी प्रकार के धार्मिक या सामाजिक आयोजन के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि पीक सीजन में ऐसे आयोजन यात्रा मार्ग और व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। इसके साथ ही बद्रीनाथ धाम की पवित्रता बनाए रखने के लिए मांसाहार पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। पहले जहां मांसाहार मिलने पर मात्र 50 रुपये का जुर्माना था वहीं अब इसे बढ़ाकर पहली बार पकड़े जाने पर 5 हजार रुपये और दोबारा उल्लंघन पर 50 हजार रुपये कर दिया गया है।
अस्थायी झोपड़ियों और आवासों को नियंत्रित करने के लिए भी नई उपविधि तैयार की गई है। खासतौर पर नेपाली मूल के लोगों द्वारा बनाए जाने वाले अस्थायी ढांचों को तय मानकों के अनुसार ही बनाने की अनुमति होगी। बिना अनुमति निर्माण करने पर 500 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना वसूला जाएगा।
नगर पंचायत बद्रीनाथ के प्रभारी अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने बताया कि इन प्रस्तावों पर तय समय सीमा में कोई आपत्ति दर्ज नहीं हुई है और जल्द ही गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य बद्रीनाथ धाम की पवित्रता बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित यात्रा अनुभव प्रदान करना है।






