योगेंद्र सिंह
देहरादून, 7 अप्रैल 2026:
चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए राज्य में एलपीजी सप्लाई को लेकर सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जिलाधिकारियों और तेल कंपनियों के साथ बैठक कर साफ कर दिया कि यात्रा के दौरान कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई कहीं भी बाधित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए पहले से तैयारी रखी जाए। कंपनियों को निर्देश दिया गया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई में अगर कहीं बैकलॉग है तो उसे तुरंत खत्म किया जाए और व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
बैठक में जिलों से फीडबैक लेने के बाद मुख्य सचिव ने कहा कि बाजार में गैस की उपलब्धता बढ़ाई जाए, जिससे अनावश्यक दबाव और पैनिक जैसी स्थिति न बने। साथ ही यह भी कहा कि अगर सप्लाई या ट्रांसपोर्ट में कोई दिक्कत आ रही हो तो उसका जल्दी समाधान किया जाए।

जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गैस सप्लाई पर नजर रखें, जांच कार्रवाई तेज करें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी कालाबाजारी या कृत्रिम कमी पैदा न हो। पैनिक बुकिंग पर भी नियंत्रण रखने को कहा गया। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप ने बताया कि हाल के दिनों में घरेलू गैस सप्लाई में सुधार हुआ है और पैनिक बुकिंग के मामले भी घटे हैं।
चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र भेजने का फैसला किया है। इसमें अप्रैल से नवंबर तक व्यावसायिक गैस का 100 प्रतिशत कोटा पहले की तरह बनाए रखने की मांग की गई है। साथ ही आपदा जैसी स्थिति को देखते हुए 5 प्रतिशत अतिरिक्त कोटा देने का भी अनुरोध किया गया है। सरकार के आकलन के मुताबिक यात्रा अवधि में करीब 9,67,949 कमर्शियल सिलेंडरों की जरूरत होगी, जबकि आपात हालात के लिए करीब 48,397 अतिरिक्त सिलेंडर भी चाहिए होंगे।






