
मुंबई, 5 मई 2025:
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार 12 दिनों की जबरदस्त खरीदारी ने एक नई तेजी की लहर पैदा कर दी है। शुक्रवार को FIIs और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) दोनों ने बड़ी खरीदारी की। FIIs ने ₹3,200 करोड़ और DIIs ने ₹3,300 करोड़ की खरीदारी की। अगर PNB Housing की ₹2,713 करोड़ की ब्लॉक डील को हटा दिया जाए तो यह खरीदारी और भी अधिक प्रभावशाली मानी जाएगी।
विश्लेषकों का कहना है कि एसबीआई, कोटक महिंद्रा और इंडियन बैंक जैसे प्रमुख बैंकों के बेहतर तिमाही नतीजे और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट भारत के लिए बेहद सकारात्मक संकेत हैं। तेल की कीमतें जनवरी 2021 के बाद के सबसे निचले स्तर पर हैं, जिससे ऑटो, पेंट और एविएशन सेक्टर को राहत मिलेगी। हालांकि, ONGC और ऑयल इंडिया जैसी तेल उत्पादक कंपनियों पर दबाव रह सकता है।
बाजार विश्लेषक सिंघवी का मानना है कि यदि बाजार 100 अंकों की तेजी के साथ भी खुले तो यह खरीदारी के लिए अनुकूल समय होगा क्योंकि यह तेजी मजबूत आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन से समर्थित है। उन्होंने कहा कि वैश्विक तनावों के बावजूद भारतीय बाजार स्थिर बना हुआ है।
अमेरिकी बाजारों की बात करें तो S&P 500 ने 20 वर्षों में पहली बार लगातार 9 दिन की तेजी दिखाई है। फेड चेयरमैन पर ट्रंप के नरम रुख और टैरिफ वॉर पर कम होती चिंता से भी वैश्विक बाजारों को मजबूती मिली है।
भारत की आर्थिक स्थिति भी काफी मजबूत नजर आ रही है — महंगाई छह साल के न्यूनतम स्तर पर, कच्चा तेल चार साल के निचले स्तर पर, ब्याज दरों में दो बार कटौती, मजबूत रुपया और रिकॉर्ड हाई GST कलेक्शन जैसे संकेत बाजार को स्थायित्व दे रहे हैं। इसके अलावा, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की संभावनाएं और लगातार मजबूत होते रुपये से बाजार को और बल मिल रहा है।
निफ्टी 50 ने इस सप्ताह 1.28% की बढ़त के साथ 24,346.70 पर बंद किया और अब 24,500 के रेजिस्टेंस को पार कर 25,000 की ओर बढ़ने की तैयारी में है। मई महीने में संभावित “गोल्डन क्रॉसओवर” की स्थिति बाजार की धारणा को बियरिश से बुलिश की ओर बदल सकती है।
बैंक निफ्टी में भी मजबूती देखी जा रही है। विशेषज्ञ शाह का कहना है कि प्राइस स्ट्रक्चर मजबूत है और यह हालिया कंसोलिडेशन के बाद बैंक निफ्टी को अपने रिकॉर्ड हाई 56,100 की ओर ले जा सकता है।
इस तरह के सभी सकारात्मक कारकों से संकेत मिलता है कि बाजार अब एक निर्णायक ब्रेकआउट की ओर बढ़ रहा है और आने वाले सप्ताहों में यह तेजी जारी रह सकती है।






