बाराबंकी, 30 मार्च 2026:
युवा छात्र सौरभ के विचार देश के सबसे बड़े मंच तक पहुंच गए। फतेहपुर तहसील के सोहई गांव के रहने वाले 22 साल के सौरभ बैसवार का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम ‘मन की बात’ में लिया और उनके विचारों की तारीफ की। MY Bharat की Budget Quest प्रतियोगिता में लाखों युवाओं के बीच सौरभ उन चुनिंदा प्रतिभागियों में रहे, जिनकी बात सीधे पीएम तक पहुंची।
रविवार को प्रसारित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने अलग-अलग राज्यों के युवाओं का जिक्र किया। इसी दौरान बाराबंकी के सौरभ बैसवार का नाम भी लिया गया। उन्होंने किसान कल्याण से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे थे, जिन्हें प्रधानमंत्री ने सराहा। साधारण परिवार से आने वाले सौरभ इस समय आईटीआई जहांगीराबाद में पढ़ाई कर रहे हैं। उनके पिता प्रभाकर बैसवार किसान हैं। सौरभ अपने दादा-दादी के साथ शहर की आवास विकास कालोनी के सेक्टर चार में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। दादा की पेंशन से उनकी पढ़ाई चल रही है। उनका सपना CDS के जरिए सेना में जाकर देश की सेवा करना है।

सौरभ ने लेख में बताया कैसे बदलेंगे गांव के हालात
प्रतियोगिता में सौरभ ने अपने लेख में गांव और किसानों को केंद्र में रखा। उन्होंने लिखा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब गांव मजबूत होंगे। खास तौर पर उन्होंने आलू और मेंथा किसानों की दिक्कतों को उठाया। आलू की समस्या पर उन्होंने सुझाव दिया कि तहसील स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट लगनी चाहिए, ताकि किसान सीधे उत्पाद बेच सकें और उन्हें बेहतर दाम मिल सके। मेंथा के मामले में सौरभ ने सस्ते विदेशी सिंथेटिक उत्पादों पर रोक लगाने या आयात शुल्क बढ़ाने की बात कही, जिससे स्थानीय किसानों को फायदा मिले।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि आलू और मेंथा जैसी फसलों के लिए प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड बने, ताकि कीमत गिरने पर तुरंत राहत मिल सके। सौरभ ने सोलर योजनाओं में निजी कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बेहतर क्वालिटी और लंबी मेंटेनेंस गारंटी की जरूरत बताई। गांवों के विकास को लेकर भी सौरभ ने कई सुझाव दिए। उन्होंने AI आधारित खेती केंद्र, खेतों तक पक्के रास्ते और ग्रामीण सड़कों पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की बात कही। उनके मुताबिक असली विकास तभी होगा जब किसान मजबूत हों, व्यवस्था साफ हो और गांव खुशहाल बनें।






