न्यूज डेस्क, 27 नवंबर 2025 :
Google के CEO सुंदर पिचाई ने एक ऐसी बात कही है जिसने टेक वर्ल्ड को हैरान कर दिया है। उनका कहना है कि आने वाले कुछ सालों में गूगल के AI प्रोसेसर यानी TPUs (Tensor Processing Units) अंतरिक्ष में काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि AI मॉडल इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि उनकी पावर जरूरतें धरती पर मौजूद डेटा सेंटरों से आगे निकल चुकी हैं। इसलिए भविष्य में कंप्यूटिंग सिस्टम को स्पेस तक ले जाना पड़ सकता है।
क्यों की सुंदर पिचाई ने अंतरिक्ष की बात?
सुंदर पिचाई ने गूगल डीपमाइंड के लोगन किलपैट्रिक के साथ बातचीत में बताया कि कंपनी जेमिनी 3 और नैनो जैसे नए और बड़े AI मॉडल तैयार कर रही है। इन मॉडलों को चलाने के लिए बहुत ज्यादा कंप्यूटिंग पावर चाहिए। इसी वजह से गूगल को अपने डेटा सेंटर, TPUs और GPUs (Graphics Processing Units) को तेजी से बढ़ाना पड़ा। एक समय पर कंपनी के पास इनकी कमी भी हो गई थी। जनरेटिव AI का दौर इतना बड़ा है कि गूगल को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश करना पड़ा। इसी जरूरत ने स्पेस-बेस्ड चिप्स का आइडिया पैदा किया।
2027 तक उड़ान भर सकते हैं पहला स्पेस TPU
पिचाई ने इशारा दिया कि 2027 तक गूगल के पहले AI प्रोसेसर अंतरिक्ष में काम करते नजर आ सकते हैं। इसे उन्होंने एक “लॉन्ग-टर्म इंफ्रास्ट्रक्चर चेंज” बताया। दरअसल, अंतरिक्ष में कुछ खास फायदे मौजूद हैं-जैसे लगातार मिलती सोलर एनर्जी, कम तापमान और जमीन की कोई सीमा नहीं। ऐसे माहौल में चिप्स ज्यादा स्थिर और बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं। इससे आम यूजर्स को भी फायदा होगा क्योंकि AI टूल्स पहले से बहुत तेज और ज्यादा पावरफुल हो जाएंगे।
क्यों पड़ेगी इतनी ज्यादा कंप्यूटिंग की जरूरत?
पिचाई का मानना है कि भविष्य में लगभग हर चीज AI से जुड़ जाएगी। सर्च, वीडियो प्लेटफॉर्म, हेल्थकेयर, साइंटिफिक रिसर्च, रोजमर्रा के काम। जितना ज्यादा AI का इस्तेमाल बढ़ेगा, उतना ही डेटा सेंटरों पर दबाव बढ़ेगा। आज ये विचार अजीब लग सकता है, लेकिन आने वाले समय में दुनिया को इतनी कंप्यूटिंग पावर चाहिए होगी कि स्पेस में हार्डवेयर भेजना एक सामान्य समाधान बन सकता है।
पिचाई ने एलन मस्क पर किया तंज
बातचीत के दौरान पिचाई ने मजाक में कहा कि अगर गूगल ने अपने प्रोसेसर स्पेस में भेजे, तो वे शायद एलन मस्क की वह टेस्ला रोडस्टर भी पीछे छोड़ देंगे जिसे 2018 में स्पेसएक्स ने अंतरिक्ष में भेजा था। गूगल ने ‘Project SunCatcher’ नाम की एक नई पहल भी शुरू की है, जिसका उद्देश्य है-पृथ्वी से बाहर कंप्यूटिंग सिस्टम कैसे काम करेंगे, इसका प्रयोग करना। अगर यह सफल हुआ, तो AI को पावर देने, मैनेज करने और दुनिया तक पहुंचाने का तरीका हमेशा के लिए बदल सकता है।






