नई दिल्ली, 27 नवंबर 2025 :
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सोशल मीडिया कंटेंट से जुड़े दो मामलों पर सुनवाई की और साफ कहा कि इंटरनेट पर फैले अश्लील कंटेंट की जिम्मेदारी किसी न किसी को लेनी ही होगी। कोर्ट ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया कि, वह 4 हफ्ते के भीतर ऐसे सख्त रेगुलेशन बनाए, ताकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अश्लील कंटेंट आसानी से न फैल सके। कोर्ट ने यह भी कहा कि ये कानून SC/ST एक्ट की तरह सख्त होने चाहिए, ताकि उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा हो सके।

CJI सूर्यकांत ने दिया सुझाव
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि सोशल मीडिया पर कई बार कंटेंट शुरू होने से ठीक पहले एक लाइन की वॉर्निंग दिखाई जाती है, लेकिन लोग उसे पढ़ ही नहीं पाते। उन्होंने कहा कि वॉर्निंग कम से कम 2 सेकंड तक दिखनी चाहिए और जरूरत पड़े तो आधार जैसी आइडेंटिटी से उम्र वेरिफाई करने की व्यवस्था भी हो सकती है। हालांकि उन्होंने इसे एक सुझाव बताया।
अश्लील कंटेंट से जुड़ा मामला क्या है?
यह मामला स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के शो India’s Got Latent से जुड़ा है। फरवरी में रिलीज हुए उनके दो एपिसोड पर विवाद हुआ था, जिनमें माता-पिता और महिलाओं पर ऐसे बोल्ड और आपत्तिजनक कमेंट किए गए थे, जिनका जिक्र भी सार्वजनिक रूप से करना मुश्किल है। इन एपिसोड के बाद समय रैना, रणवीर अलाहबादिया और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ देश के कई राज्यों में FIR दर्ज की गई।
रणवीर अलाहबादिया ने FIR रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई, लेकिन कोर्ट ने उन्हें फिलहाल कोई राहत नहीं दी और इसके बजाय केंद्र सरकार को नियम और सख्त बनाने का आदेश दे दिया।
दिव्यांगों का मजाक उड़ाने का मामला क्या है?
इसी शो में एक और एपिसोड में दिव्यांगों, खासतौर पर ब्लाइंड लोगों, का मजाक उड़ाया गया था। इस पर SMA फाउंडेशन ने याचिका लगाई। मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और अन्य कॉमेडियंस विपुल गोयल, बलराज सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर को आदेश दिया कि वे अब अपने शो में दिव्यांग लोगों की सफलता की कहानियां दिखाएं, ताकि उनकी मदद के लिए फंड जुटाया जा सके। इस पर सभी 6 कॉमेडियंस ने कोर्ट को बताया कि वे हर महीने ऐसे 2 शो करेंगे, जिनसे फंड इकट्ठा कर दिव्यांग लोगों की सहायता की जाएगी।
अब ऑनलाइन अश्लील कंटेंट पोस्ट करना महंगा पड़ेगा
सुप्रीम कोर्ट के रुख से साफ है कि जल्द ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट अपलोड करने के पहले सख्त नियम लागू हो सकते हैं। सरकार को 4 हफ्ते में रेगुलेशन तैयार करने हैं, जिसमें एडल्ट कंटेंट, बोल्ड कंटेंट और संवेदनशील विषयों पर बने वीडियो के लिए कड़े नियम आ सकते हैं। यह फैसला आने वाले समय में इंटरनेट पर कंटेंट पोस्ट करने वाले क्रिएटर्स और बड़े प्लेटफॉर्म दोनों के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।






