लखनऊ, 6 मार्च 2026:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजधानी में पुलिस के 50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य के विकास की पहली शर्त सुरक्षा होती है। जब व्यक्ति सुरक्षित होगा तभी उसका परिवार और उसकी पूंजी भी सुरक्षित रह पाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपात स्थिति में जितनी तेजी से कार्रवाई होती है, उतना ही लोगों का भरोसा बढ़ता है। यही भरोसा आगे चलकर बड़े बदलाव की वजह बनता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा देने का काम किया है। बीते नौ वर्षों में प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई सुधार किए गए हैं। बिना सुधार के बदलाव संभव नहीं होता। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश दंगों और कर्फ्यू के लिए जाना जाता था, लेकिन अब प्रदेश को सुरक्षित माहौल देने की दिशा में लगातार काम हुआ है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की आत्मा है और इसे सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। पुलिस के प्रयासों से प्रदेश में कानून व्यवस्था की तस्वीर बदली है और लोगों की सोच में भी बदलाव आया है। 2017 में यूपी पुलिस के पास पीआरवी के करीब 9500 वाहन थे, जो अब बढ़कर 15500 से ज्यादा हो गए हैं। इसी तरह उस समय पुलिस के पास करीब 3000 दोपहिया वाहन थे, जिनकी संख्या अब 9200 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि वाहनों और संसाधनों की संख्या बढ़ने से पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम कम हुआ है, जिससे आपात स्थितियों में तुरंत कार्रवाई संभव हो पा रही है।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के साथ जांच प्रणाली को भी मजबूत किया गया है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल दो फॉरेंसिक लैब थीं, जबकि अब उनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इसके अलावा प्रदेश में विश्वस्तरीय फॉरेंसिक संस्थान भी स्थापित किया गया है, जहां डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स चलाए जा रहे हैं। सरकार बनने के बाद पुलिस बल को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर भर्ती की गई है। अब तक 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की जा चुकी है। इससे पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ी है और वह बड़ी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हुई है। इस दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश और अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






